WB SSC Scam : टीएमसी की दो टूक- भाजपा कर रही साजिश, दोषी पाए जाने पर पार्थ चटर्जी के खिलाफ एक्शन
पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस घिरती दिख रही है। 20 करोड़ की बरामदगी के बाद टीएमसी ने कहा कि अगर मंत्री दोषी पाए गए तो कार्रवाई करेंगे।
नई दिल्ली, 23 जुलाई : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया है। कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े इस मामले में तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक प्रतिशोध के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। टीएमसी ने कहा कि अगर मंत्री अगर दोषी साबित होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी राज्य में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े एक मामले में हुई है। शनिवार को मंत्री पार्थ की गिरफ्तारी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी से 20 करोड़ रुपये बरामद करने के कुछ घंटों बाद हुई।
शनिवार को पार्थ की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी ने पहले इस मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखी। हालांकि, टीएमसी ने इस मुद्दे पर पार्टी के रुख पर फैसला करने के लिए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में एक आपात बैठक बुलाई। बैठक के बाद टीएमसी ने कहा कि दोषी पाए जाने के बाद पार्थ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टीएमसी ने कहा, "हम स्थिति को करीब से देख रहे हैं और हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। न्यायपालिका के फैसले के बाद, हम निर्णय लेने में सक्षम होंगे। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी या सरकार में किसी भी कदाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। न्यायपालिका के फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस कार्रवाई करेगी। हमारा मानना है कि इस खेल के पीछे भाजपा है। जिसने भी भाजपा में प्रवेश किया है वह अछूता रहा है और जो भी रुका है उसे परेशान किया जा रहा है।"
बता दें कि 69 वर्षीय मंत्री पार्थ चटर्जी वर्तमान में ममता बनर्जी सरकार के उद्योग और संसदीय मामलों का मंत्रालय संभालते हैं। 2014 से 2021 तक पार्थ शिक्षा मंत्री रहे थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताएं हुईं। ईडी ने पार्थ से कथित स्कूल नौकरी घोटाले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार सुबह से उनके आवास पर लगभग 26 घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद शनिवार को पार्थ अरेस्ट कर लिए गए।
पार्थ चटर्जी के मामले में एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह-सी और डी कर्मचारियों और शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में कथित अनियमितताओं की जांच हो रही है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। ईडी इस कथित घोटाले में मनी ट्रेल पर नजर रख रही है।
ईडी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में दो मंत्रियों सहित करीब एक दर्जन लोगों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। करीब 20 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। बाद में उन्हें कोलकाता की बैंकशाल अदालत (Bankshall court) में पेश किया गया। अदालत ने दो दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।












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