संसद सत्र अपडेट: विपक्षी विरोध और राजनीतिक तनाव के बीच लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश
केंद्र सरकार ने दोपहर 12 बजे लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया। विपक्ष ने इस पर कड़ी असहमति जताई, जिससे सत्र के हंगामेदार रहा। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही है, उन्होंने विपक्ष पर भय पैदा करने का आरोप लगाया। इस बीच, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने धारा 40 की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह वक्फ बोर्ड को उचित उपाय के बिना भूमि पर कब्जा करने की अनुमति देता है।
विपक्ष की चिंताएं और सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक के बारे में गलतफहमियों को दूर करते हुए कहा कि इसका प्रभाव पिछली तिथि से नहीं होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ संपत्तियों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक विकास के लिए वक्फ आय के दुरुपयोग को रोकना है। हालांकि, विपक्षी दलों ने सरकार पर संवैधानिक सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एक समुदाय की छवि खराब करना चाहती है। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। गोगोई ने ऐसे कानून के माध्यम से समुदायों को विभाजित करने के प्रयासों की भी आलोचना की। इस बीच, अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा मुस्लिम आवाज़ों की अनदेखी कर रही है और भारत की विविध संस्कृति को कमज़ोर कर रही है।
विभिन्न क्षेत्रों से समर्थन और आलोचना
भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह विधेयक किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि यह मुस्लिम विरोधी नहीं है। जेडीयू नेता लल्लन सिंह ने विधेयक को मुस्लिम विरोधी बताने वाली बातों को खारिज कर दिया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने का आग्रह किया।
भोपाल में मुस्लिम महिलाओं ने विधेयक का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने इस पर संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने तर्क दिया कि संशोधनों से आम मुसलमानों को लाभ होगा। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल विवाद पैदा करना है।
संसदीय कार्यवाही और प्रतिक्रियाएँ
लोकसभा ने वक्फ विधेयक पर आगे की चर्चा के लिए अपना सत्र रात 10 बजे तक बढ़ाया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आश्वासन दिया कि जहां प्रार्थनाएं होती हैं, वहां धार्मिक प्रथाओं में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड कानूनी सीमाओं के भीतर रहेगा और धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप की कोई योजना नहीं है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने संशोधन में खामियाँ गिनाईं और इसे अदालत में चुनौती देने की योजना की घोषणा की। उन्होंने अपनी विरोध रणनीति की तुलना पिछले किसान आंदोलनों से की। इस बीच, कुछ प्रमुख संगठनों ने इन बदलावों का कड़ा विरोध किया।
राजनीतिक गतिशीलता और भविष्य के निहितार्थ
चिराग पासवान ने संशोधन विधेयक के लिए अपनी पार्टी के समर्थन की पुष्टि की, जबकि टीडीपी ने इससे संबंधित तीनों सुझावों को स्वीकार किया और अपना समर्थन देने का वादा किया। AIMPLB ने किसान विरोध के साथ समानताएं बताते हुए विधेयक को कानूनी रूप से चुनौती देने के इरादे की घोषणा की। अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख ने भी संशोधन का समर्थन किया।












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