दक्षिण चीन सागर पर अपना रुख स्पष्ट करें भारत: वांग यी
पणजी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने दक्षिण चीन सागर में छिड़े विवाद पर भारत से अपना रूख स्पष्ट करने के लिए कहा है। वांग यी अपनी भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी से जब पूछा गया कि क्या भारत दक्षिण चीन सागर मुद्दे पर आपका समर्थन करेगा तो उन्होंने कहा कि यह भारत पर निर्भर करता है कि वो क्या निर्णय करता है।

भारतीय व्यापारियों के लिए अच्छा नहीं होगा
अपनी तीन दिवसीय भारत की यात्रा की शुरूआत वांग यी ने गोवा से शुरू की है। इस दौरान उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारेसकर से ब्रिक्स समिट को लेकर मुलाकात की। गोवा में 15-16 अक्टूबर के बीच ब्रिक्स देशों का सम्मेलन आयोजित होना है। भारत इस बार ब्रिक्स देशों का मेजबान बनेगा।
वांग यी की भारत यात्रा से पहले चीन के एक राष्ट्रीय डेली ने भारत को अप्रत्यक्ष रूप से धमकाते हुए कहा था कि अगर भारत दक्षिण चीन सागर विवाद में दखल देता है तो यह भारतीय व्यापारियों के लिए अच्छा नहीं होगा।
द ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखते हुए कहा कि अगर भारत किसी तरह का विवाद नहीं चाहता है। तो दक्षिण चीन सागर के विवाद में न पड़े।
अगर भारत चाहता है कि व्यापार के क्षेत्र में दोनों देशों के लिए अच्छा माहौल तैयार हो, जिसमें भारतीय उत्पादों के निर्यात में टैरिफ कमी भी प्रभावित न हो। क्योंकि रीजनल कॉम्प्रहेसिंव इकनॉमिक पार्टनरशिप के जरिए फ्री ट्रेड पर बात की जानी है।

दक्षिण चीन सागर पर चीन का अधिकार खारिज
शनिवार को वांग यी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से शनिवार को मिलेंगे। सूत्रों ने बताया कि वांग यी पूरी कोशिश करेंगे कि पीएम मोदी जी20 समिट के दौरान दक्षिण चीन सागर विवाद को उठाने के समय अन्य देशों का साथ न दें। जी20 समिट के दौरान कई देशों ने इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया है।
दक्षिण चीन सागर पर चीन के अधिकार को फिलीपींस ने चुनौती दी थी। इसके बाद अंतरर्राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने दक्षिण चीन सागर पर से चीन के अधिकार को खारिज कर दिया था। वहीं चीन के विदेश मंत्री के सामने मोदी सरकार उत्तराखंड में घुसपैठ के साथ-साथ एनएसजी के मुद्दे पर भारत को सहयोग न किए जाने की बात भी उठा सकती है।
चीन के विदेश मंत्री अपनी गोवा यात्रा के दौरान अगदा किले में घूमते हुए












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