PM Vishwakarma Yojana: क्या है विश्वकर्मा योजना, किसे मिलेगा लाभ, जानिए सबकुछ

PM Vishwakarma Yojana 2023: विश्वकर्मा जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। इस मौके पर देशभर में कई कार्यक्रमों को आयोजन हो रहा है। पीएम जिस योजना शुरुआत की उसकी घोषणा उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही कर दी थी। योजना के लिए सरकार 13000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। स्कीम असंगठित क्षेत्र के कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों के लिए बेहद अहम है। इसके अंतर्गत कुल 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर रविवार (17 सितंबर) को इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, द्वारका में एक नई योजना 'पीएम विश्वकर्मा' शुरू करने से पहले भगवान विश्वकर्मा को पुष्पांजलि अर्पित की। जिसके बाद उन्होंने विश्वकर्मा योजना की शुरूआत की।

केंद्र सरकार की ओर विश्कर्मा जयंती (Vishwakarma Jayanti) के मौके पर शुरू की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत के पारंपरिक व्यवसायों को बढ़ावा देने की एक अहम पहल है। कई क्षेत्रों में समय के साथ कुछ पारंपरिक व्यवसाय ऐसे थे, जिसका हुनर होते हुए भी कारीगरों का काम नहीं मिल पाता था। ऐसे में वे अपने पुराने व्यवसाय को छोड़ने पर मजबूर हो जाते थे। भारत में कई ऐसे व्यवसाय हैं, जो बिलुप्त होने के क गार पर पहुंच चुके हैं। ऐस में पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों के लिए एक नई आशा की किरण लेकर आई है।

PM Vishwakarma Yojana 2023

क्या है पीएम विश्वकर्मा स्कीम?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक व्यवसायों को बढा़वा देने की अहम पहल है। योजना उद्देश्य भी कारीगरों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें इस व्यवसाय में आगे बढ़ने का मौका देना है। योजना के तहत लाभार्थियों को 15,000 रुपये का टूलकिट दिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी, इस दौरान उन्हें 15000 रुपए प्रतिदिन स्टाइपेंड भी देने की व्यवस्था है। केंद्र सरकार का मानना है कि इससे कारीगरों के पारंपरिक स्किल को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही भारत के उस हुनर को भी संरक्षित किया जा सकेगा, जो वित्त पोषण के अभाव में काफी कमजोर पड़ गए थे, हलांकि देश के विकास में इनका विशेष योगदान रहा है।

13000 करोड़ की योजना
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत शुरुआत में 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल कर रही है। इसके लिए 13000 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। योजना के तहत लाभार्थियों का चयन करने से पहले उन्हें एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी।

किन्हें मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कुल 18 व्यवसायों में किसी भी एक या अधिक की स्किल वाले कारीगरों को सरकार लाभ देगी। स्कीम के तहत जिन व्यवसायों को शामिल किया गया है उनमें लोहे का काम करने वाले कारीगर यानी लोहार, ताला बनाने वाले, कारपेंटर, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता, पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोभी, दर्जा, मछली का जाल बनाने वाले सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राज मिस्त्री, डलिया, चटाई और झाड़ू बनाने का व्यवसाय संभालने वाले करीगर हैं।

कैसे होगा पंजीकरण?
विश्कर्मा स्कीम का लाभ लेने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए आवेदन किया जा सकता है। ये रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बायोमेट्रिक होगा। पंजीकरण पीएम विश्वकर्मा पोर्टल (PM Vishwakarma portal) के माध्यम के किया जा सकेगा।

लाभार्थियों को क्या मिलेगा
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत स्किल ट्रेनिंग के अवधि में प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये का स्टाइपेंड भी मिलेगा। ट्रेनिंग पूरी होने पर एम विश्वकर्मा सर्टिफिकेट दिया जाएगा। आईडी कार्ड, बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग से जुड़े स्किल अपग्रेडेशन के साथ प्रोत्साहन के तौर पर 15,000 रुपये का टूलकिट भी दिया जाएगा। इसके साथ ही व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार 1 लाख तक रियायती ब्याज दर पर लोन भी उपलब्ध कराएगी। ये लोन दो किस्तों में होगा। पहली किस्त 1 लाख रुपए की होगी। इसके अलावा 2 लाख रुपये तक कोलेटरल फ्री क्रेडिट सपोर्ट बनवाया जाएगा, जो डिजिटल ट्रांजेक्शन और मार्केटिंग सपोर्ट के लिए होगा।

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