पेगासस की लिस्ट में नाम आने के बाद बोलीं वायरोलॉजिस्ट गगनदीप, मैं कुछ भी विवादित नहीं करती हूं
नई दिल्ली, 20 जुलाई। दुनियाभर के 17 मीडिया संस्थान जिसमे भारत का द वायर भी शामिल है उसकी पेगासस की स्टोरी ने धमाल मचा दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजराइल की कंपनी एनएसओ के पेगासस स्पाइवेयर के जरिए दुनियाभर के तकरीबन 50 हजार लोगों के फोन को टैप किया गया। इस लिस्ट में भारत के भी 300 लोगों के नाम शामिल हैं, जिसमे बताया जा रहा है कि पत्रकार,जज, मंत्री, नेता, एक्टिविस्ट आदि शामिल हैं। इस लिस्ट में भारत की जानीमानी वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कैंग का भी नाम शामिल है।

भारत में कोरोना काल के दौरान गगनदीप भारत की आवाज बनी रही, उन्होंने कोरोना काल में सरकार द्वारा कमियों को सामने लाने में अपने कदम पीछे नहीं किए। लेकिन पेगासस की लिस्ट में नाम आने के बाद गगनदीप ने कहा कि मुझे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं है कि आखिर क्यों मेरे बारे में जानने को लेकर कोई उत्सुक होगा। मैंने डायरिया की पढ़ाई की, जोकि मुझे लगता है कि जरूरी है, बहुत ही कम लोग स्वास्थ्य जगत में इसकी पढ़ाई में रुचि रखते हैं। उन्होंन कहा कि हो सकता है कि जब मैं 2018 में निपाह वायरस पर काम कर रही थी तो और लोगों को साथ जोड़ने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कुछ खास हो नहीं सका था उस वक्त, ऐसे में संभव हो यह उससे संबंधित हो।
बता दें कि फिलहाल गगनदीप ट्रांसलेशन हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट में काम कर रही हैं जोकि फरीदाबाद में बड़ा रिसर्च इंस्टिट्यूट है। जब केरल में निपाह वायरस फैला था तो गगनदीप उसपर काम कर रही थीं और उन्होंने भारतीय स्वास्थ्य अधिकारियों से अपील की थी कि जो लोग संक्रमित हुए हैं उनके ब्लड सैंपल वैश्विक स्तर पर साझा किया जाए जिससे कि इसका वैक्सीन तैयार किया जा सके और भविष्य में इस तरह का वायरस नहीं फैले। जब गगनदीप से पूछा गया कि क्या आप इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आपका नंबर टैपिंग की लिस्ट में हैं तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह चिंता की बात है या नहीं, मैं कुछ भी विवादित नहीं करती हूं, मैं सिर्फ क्लीनिकल साइंटिस्ट हूं जो पब्लिक हेल्थ की रिसर्च में लगी हूं।












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