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Kargil Vijay Diwas: जब भीगी पलकों से डिंपल चीमा ने कहा-' शाम 7 बजते ही लगता है कि विक्रम का फोन आएगा और...'

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नई दिल्ली, 26 जुलाई। 'कारगिल विजय दिवस' की बात हो और परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा का जिक्र ना हो, भला ये कैसे हो सकता है। 'दिल मांगे मोर' कहते-कहते देश के लिए अपनी जान न्यौछावर कर देने वाले देश के वीर सपूत को पूरा देश सलाम करता है। विक्रम बत्रा अदम्य साहस और वीरता का जीता-जागता उदाहरण थे। मात्र 24 साल की उम्र में सबको अपना मुरीद बना देने वाले इस वीर योद्धा को 15 अगस्त 1999 को वीरता के सबसे बड़े पुरस्कार 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया था।

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    पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई थी पहली मुलाकात

    पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई थी पहली मुलाकात

    बहुत छोटी सी जिंदगी में बड़े-बड़े काम करने वाले विक्रम बत्रा कारगिल के संघर्ष के बाद अपनी गर्लफ्रेंड 'डिंपल चीमा' शादी करने वाले थे लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। उनकी और चीमा की मुलाकात पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई थी और दोनों में प्यार हो गया था लेकिन साल 1995 में विक्रम का सेलेक्शन इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) में हो गया और वो देहरादून चले गए लेकिन बत्रा और चीमा के दिल एक-दूसरे के लिए हमेशा धड़कते रहे, दोनों दूर रहकर भी हमेशा पास रहे।

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    'क्यों Beautiful, मुझे ही याद कर रही थी ना'

    'क्यों Beautiful, मुझे ही याद कर रही थी ना'

    मात्र 5 सालों में चीमा को दुनिया भर की खुशियां देने वाले बत्रा के बारे में एक इंटरव्यू में डिंपल ने कहा था कि 'वो हमेशा देश के लिए कुछ करना चाहता था। अपने वतन से पहली मोहब्बत करने वाला विक्रम रोज शाम 7 बजे मुझे फोन किया करता था। मुझे आज भी लगता है कि जैसे कि उसका फोन आज भी शाम 7 बजे मेरे लिए बजेगा और जैसे ही मैं फोन उठाऊंगी वो दूसरी ओर से बोलेगा- 'क्यों Beautiful, मुझे ही याद कर रही थी ना।'

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    'वो एक दिन आएगा और मुझे गले लगा लेगा'

    'वो एक दिन आएगा और मुझे गले लगा लेगा'

    चीमा ने नम आंखों से कहा था कि 'मुझे ऐसा फील होता है कि जैसे वो किसी पोस्टिंग पर है और वो एक दिन आएगा और मुझे गले लगा लेगा। उसके प्यार की यादें मुझे आज तक बांधी हुई हैं।'

    ब्लेड से हाथ काटकर खून से भरी थी मांग

    डिंपल ने ये भी बताया था कि 'मंसा देवी के मंदिर में जब मैंने उससे बोला था कि अब घर वाले मेरे ऊपर शादी का दवाब बना रहे हैं तोउसने वहीं पर ब्लेड से हाथ काटकर खून से मेरी मांग भर दी थी और कहा था कि अब तुम्हें मुझसे कोई अलग नहीं कर सकता है।' मालूम हो कि डिंपल ने आज तक शादी नहीं की।

    'उसे फिल्मी कहकर चिढ़ाया था मैंने'

    'उसे फिल्मी कहकर चिढ़ाया था मैंने'

    चीमा ने कहा था कि 'उस वक्त मैं बहुत हंसी थी और उसे फिल्मी कहकर चिढ़ाया था, लेकिन तब नहीं जानती थी कि ये सब एक दिन खत्म हो जाएगा, मुझे उस पर गर्व है।' आपको बता दें कि कैप्टन विक्रम बत्रा ने कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की थी।

    कारगिल पर विजय की 22वीं वर्षगांठ

    कृतज्ञ राष्ट्र भारत आज कारगिल पर विजय की 22वीं वर्षगांठ मना रहा है। 1999 में आज ही के दिन भारत के वीर सपूतों ने कारगिल की चोटियों से पाकिस्तानी फौज को खदेड़कर तिरंगा फहराया था। ''या तो तू युद्ध में बलिदान देकर स्वर्ग को प्राप्त करेगा या विजयश्री प्राप्त कर धरती का राज भोगेगा।'' गीता के इसी श्लोक को प्रेरणा मानकर भारत के शूरवीरों ने कारगिल युद्ध में दुश्मन को पांव पीछे खींचने के लिए मजबूर कर दिया था।

    परमवीर चक्र से सम्मानित 4 वीर

    परमवीर चक्र से सम्मानित 4 वीर

    इस युद्ध के बाद चार वीरों को भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। जिसमें लेफ्टीनेंट मनोज कुमार पांडे (प्रथम बटालियन, ग्यारहवीं गोरखा राइफल्स, मरणोपरांत), ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव (अठारहवीं बटालियन, द ग्रेनेडियर्स), राइफलमैन संजय कुमार (तेरहवीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स) और कैप्टन विक्रम बत्रा (तेरहवीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स, मरणोपरांत) शामिल हैं।

    विक्रम बत्रा का किरदार अभिषेक बच्चन ने निभाया

    देश की वीरगाथा पर बाद में जेपी दत्ता ने एक हिंदी फिल्म 'एलओसी' बनाई थी, जिसमें विक्रम बत्रा का किरदार अभिषेक बच्चन ने निभाया था, जिसे कि काफी तारीफें मिली थीं।

    English summary
    Vikram Batra was awarded the Param Vir Chakra, India's highest military honour on 15 August 1999, the 52nd anniversary of India's independence.Read Kargil Hero vikram batra's love story, its really Touching.
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