अगले नेवी चीफ की नियुक्ति पर सरकार के फैसले के खिलाफ कोर्ट पहुंचे वाइस एडमिरल बिमल वर्मा
नई दिल्ली। वाइस एडमिरल बिमल वर्मा सोमवार को आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल पहुंचे। वाइस एडमिरल वर्मा उनकी जगह उनके जूनियर वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को इंडियन नेवी का अगला चीफ नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ कोर्ट गए हैं। वाइस एडमिरल करमबीर सिंह 31 मई को अपना पदभार संभालेंगे। एडमिरल सुनील लांबा जो कि इसी दिन रिटायर हो रहे हैं, वह वाइस एडमिरल करमबीर सिंह को नौसेना का कमान सौंपेंगे।

सरकार पर नजरअंदाजगी का आरोप
अपनी याचिका में वाइस एडमिरल ने सरकार के फैसले को चुनौती दी है। उनका मानना है कि सरकार ने उनकी वरिष्ठता को नजरअंदाज किया है और उनकी जगह उनके जूनियर को नेवी चीफ नियुक्त किया है। सर्विस के लिहाज से अगर बात करें तो वाइस एडमिरल वर्मा अब तक के सबसे सीनियर नेवी ऑफिसर हैं। वाइस एडमिरल करमबीर सिंह फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग- इन-चीफ (एफओसी-इन-सी) ईस्ट पहले ऐसे हेलीकॉप्टर पायलट होंगे जिन्हें नेवी चीफ का जिम्मा सौंपा जाएगा। रक्षा प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद की ओर से इस बारे में जानकारी दी गई थी। कर्नल आनंद ने बताया था, 'सरकार ने वाइस एडमिरल करमबीर सिंह जो इस समय ईस्टर्न नेवल कमांडर हैं, उन्हें एडमिरल सुनील लांबा की जगह अगला नौसेना अध्यक्ष नियुक्त किया है। सुनील लांबा 31 मई 2019 को अपना पद छोड़ेंगे।'
जनरल रावत के बाद दूसरा विवाद
आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के बाद यह दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने ऑफिसर्स की सीनियॉरिटी की जगह उन्हें मेरिट के आधार पर सेना प्रमुख के तौर पर चुना है। एडमिरल सिंह ने पोर्ट ब्लेयर स्थित अंडमान निकोबार कमांड को करीब तीन वर्षों तक कमांड किया है। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी के 56वीं कोर्स के तहत हंटर स्क्वाड्रन से पासआउट हैं। वाइस एडमिरल करमबीर सिंह पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं। हेलीकॉप्टर पायलट के तौर पर वाइस एडमिरल सिंह ने चेतक और कामोव जैसे हेलीकॉप्टर्स उड़ाए हैं। वह इंडियन नेवी की चार शिप्स को भी कमांड कर चुके हैं। आईसीजी चांदबीबी, आईएनएस विजयदुर्ग जो कि एक मिसाइल शिप है के अलावा दो डेस्ट्रॉयर्स, आईएनएस राणा और आईएनएस दिल्ली को उन्होंने कमांड किया है। यह भी पढ़ें-इंडियन नेवी ऑफिसर ने जान पर खेलकर बचाई एक जिंदगी












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