कश्मीर में 10000 कार्यकर्ता भेजेगी VHP, कहा मोदी सरकार आतंक पर सख्त नहीं
आतंकवाद को लेकर सरकार का रवैया सख्त नहीं है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सेना को खुली छूट देने के बावजूद आतंकी हमले क्यों हो रहे हैं?
नई दिल्ली। कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले के बाद जहां विपक्ष सरकार पर हमला बोल रहा है, वहीं नरेंद्र मोदी सरकार हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर भी आ गई है। अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने कहा कि केंद्र सरकार घाटी में आतंकी हमलों से निपटने में सख्त रवैया नहीं अपना रही है।

सेना का हौसला बढ़ाएंगे वीएचपी कार्यकर्ता
वीएचपी के नेता शंकरराव गैकर ने कहा कि आतंकियों ने हमारे देश को एक युद्धक्षेत्र बना दिया है। देश के किसी ना किसी हिस्से में रोजाना आतंकी हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि अब कश्मीर में एक सख्त और पूर्ण आतंकवाद विरोधी अभियान चलाया जाए। वीएचपी के नेता ने कहा कि कश्मीर के अंदर सेना के जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए बहुत जल्द संगठन के 10 हजार कार्यकर्ताओं को वहां भेजा जाएगा।

देश के पास पूर्णकालिक रक्षा मंत्री तक नहीं
उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता आतंकवाद से प्रभावित इलाकों में जाकर डेरा डालेंगे और सेना की हिम्मत बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि इतने विषम दौर में देश के पास एक पूर्णकालिक रक्षा मंत्री तक नहीं है। आतंकवाद को लेकर सरकार का रवैया सख्त नहीं है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सेना को खुली छूट देने के बावजूद आतंकी हमले क्यों हो रहे हैं?

पुलिस में ना करें कश्मीर युवकों की भर्ती
शंकरराव गैकर ने कहा कि भारत सरकार को जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों की भर्ती में कश्मीरी युवकों के जाने पर रोक लगानी चाहिए। ये युवक पुलिस और सुरक्षा बलों में शामिल होकर आने वाले समय में हमारे ही खिलाफ खड़े हो सकते हैं। गैकर ने कहा कि सरकार को कश्मीर में चल रहे मदरसों पर भी रोक लगानी चाहिए। इन मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हिंदुत्व की नीति पर चलकर योजनाएं बनाए और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाए।












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