बोले वैंकेया - बजट किसी राज्य विशेष के लिए नहीं देश का होता है, पेश ना होने से रुक जाएगा विकास
बजट की तारीख पर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच मची रार पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि बजट ना होने से विकास नही होगा।
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने बजट की तारीख को 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए आगे बढ़ाने की विपक्ष की मांग को जनता के खिलाफ बताते हुए कहा कै कि यूनियन बजट देश का होता है ना कि किसी राज्य विशेष के लिए। कहा कि बजट ना होने का मतलब है कोई विकास ना होना, कोई कल्याण ना होना। क्या आप ये चाहते हैं? और ना आम जनता को कोई मदद होगी, ना किसानों को कोई मदद की जा पाएघी। क्या आप यही चाहते हैं? आप विरोध क्यों कर रहे हैं? बजट, बजट होता है।

दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उपरोक्त मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए नायडू ने उक्त बाते कहीं। नायडू ने कहा कि बजट, जनता के लिए होगा। भविष्य के लिए होगा। टैक्सेशन प्रपोजल क्या हो? रेवेन्यू मॉडल क्या हो? यह संसद के समक्ष रखा जाएगा। यह देश के लिए होगा। यह किसी राज्य विशेष के लिए नहीं होगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मांग की गई थी कि केंद्रीय बजट की तारीख को आगे बढ़ाया जाने के विषय में जल्द-जल्द सुनवाई की जाए। वहीं 1 फरवरी को सदन में बजट प्रस्तुत करने का दिन तय हैं। उसके ठीक तीन दिन यानी 4 तारीख से उत्तर प्रदेश,गोवा,उत्तराखण्ड,मणिपुर और पंजाब के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इससे पहले विपक्ष इस मुद्दे को चुनाव आयोग के समक्ष रख चुका है। विपक्षी दल राष्ट्रपति और भारतीय चुनाव आयोग के पास भी गए थे। विपक्षी दलों का कहना था कि 1 फरवीर पेश किया जाने वाला बजट केंद्र सरकार की मदद करेगा। ये भी पढ़े: सुप्रीम कोर्ट ने बजट की तारीख पर जल्द सुनवाई से किया इनकार












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