Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

बोले वासुदेवानंद सरस्वती- हिन्दू पैदा करें 10 बच्चे, भगवान करेगा उनकी रक्षा

महाराष्ट्र के नागपुर में धर्म संस्कृति महाकुंभ के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई। RSS के गढ़ में हुए इस महाकुंभ में देश की आबादी से लेकर गोहत्या तक के मुद्दों पर विभिन्न नेताओं और ऋषियों ने राय रखी।

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सहमति से तीन दिन के धर्म संस्कृति महाकुंभ का समापन महाराष्ट्र स्थित नागुपर में 'हिन्दू बचाओ' संदेश के साथ हुआ। इस महाकुंभ में दो ऐसी बातें सामने आईं, जो दिलचस्प हैं। पहली ये कि यहां हिन्दुओं का आह्वान किया गया कि वे 10-10 बच्चे पैदा करें। दूसरी ये कि इसी सभा में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति की मांग भी की गई। विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया ने दुख व्यक्त करते हुए इस महाकुंभ में कहा कि गोहत्या पर रोक लगाने पर कानून का रवैया भटकाने वाला है।

 vasudevanand-saraswati-बोले वासुदेवानंद सरस्वती- हिन्दू पैदा करें 10 बच्चे, भगवान करेगा उनकी रक्षा


तोगड़िया की इस बात से RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भी सहमति प्रकट की। गोहत्या के मुद्दे पर ही ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पर भी वैसे ही फैसला लेना चाहिए जैसे नोटबंदी के लिए लिया गया है।
हिन्दुओं की संख्या पर शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर हिंदू के 10 बच्चे होने चाहिए। कहा कि हिन्दुओं को 2 बच्चों का नियम नामंजूर करना चाहिए। उन्हें 10 बच्चे पैदा करना चाहिए, इस बात की चिंता ना करें कि उनका पालन-पोषण कौन करेगा, उनकी रक्षा ईश्वर करेंगे। कहा कि ज्यादा हिन्दुओं की जरूरत है। बता दें कि इस महाकुंभ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस,असम के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और शहर के मेयर प्रवीण दतके मौजूद थे। ये भी पढ़ें: मायावती बोलीं, उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए नोटबंदी बनी गले की हड्डी, जनता सबक सिखाएगी

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+