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ब्लैक बोर्ड पर सुसाइड नोट लिख शिक्षक ने रिटायरमेंट के एक दिन पहले क्लासरूम में खुद को लगाई आग

By Vikashraj Tiwari
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नई दिल्ली। यूपी के ललितपुर जिले के तालबेहट में एक शिक्षक 'भ्रष्ट सिस्टम' के सामने इतना मजबूर हो गया कि उसने खुद को आग लगा ली। तालबेहट थाना क्षेत्र के समरखैरा प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल ने अपनी सर्विस के आखिरी दिन स्कूल में आग लगाकर सुसाइड कर ली। इतना ही नहीं सुसाइड से पहले उन्होंने ब्लैक बोर्ड पर लिखकर प्रधान सहित 4 लोगों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। इलाज के लिए सीएचसी से झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना से पूर्व क्लॉस के ब्लैक बोर्ड पर लिखे गए सुसाइड नोट में शिक्षक ने एमडीएम में भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए खुद की मौत के लिए ग्राम प्रधान और एमडीएम वितरण में शामिल अन्य लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।

तीन दिनों की छुट्टी के बाद वह शनिवार को स्कूल पहुंचे थे

तीन दिनों की छुट्टी के बाद वह शनिवार को स्कूल पहुंचे थे

मूल रूप से जनपद जालौन के कोंच निवासी ओमप्रकाश पटैरिया ललितपुर के सेमरखैरा गांव के स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर तैनात थे। उन्होंने शनिवार को क्लॉसरूम के अंदर ही खुद पर मिट्टी का तेल डाल आग लगाई थी। तालबेहट के हटवारा में रहने वाले ओमप्रकाश पटैरिया ग्राम सेमरखेड़ा के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक थे। तीन दिनों की छुट्टी के बाद वह शनिवार को स्कूल पहुंचे थे। आग लगाने के बाद उनके चिल्लाने की आवाज सुन ग्रामीण स्कूल की तरफ दौड़े। ग्रामीणों ने उनकी आग बुझाई और पुलिस को घटना की जानकारी दी। एसडीएम हरिओम शर्मा, क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और बुरी तरह जले ओमप्रकाश को सीएचसी भेजा।

'शिक्षक ने सुसाइड में लिखा, प्रधान मुझसे पैसे की मांग करते थे'

'शिक्षक ने सुसाइड में लिखा, प्रधान मुझसे पैसे की मांग करते थे'

अस्सी प्रतिशत तक जल चुके ओमप्रकाश को मेडिकल कालेज झांसी रेफर किया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गयी। उप जिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी ने ब्लैक बोर्ड पर लिखे सुसाइड नोट के फोटो करायी। क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि ब्लैकबोर्ड पर लिखे सुसाइड नोट के आधार पर जांच की जा रही है। मृतक प्रिंसिपल ने अपने सुसाइड नोट के माध्यम से आरोप लगाते हुए लिखा है कि ग्राम प्रधान ने मिड डे मील के अदेयता प्रपत्रों पर साइन करने से मना कर दिया था। साथ ही ओमप्रकाश ने लिखा प्रधान मुझसे पैसे की मांग करते थे। बहुत सा धन अभी SDM खाते में पड़ा है। जिला एमडीएम समन्वयक कपिल दुबे पर भी आरोप लगाया है कि रुपए ना देने पर गलत रिपोर्टिंग कर के वेतन रुकवा दिया गया था। एसएमसी अध्यक्ष सोनू सिंह भी प्रधान के कहने पर चलते हैं, इस कारण आज भी स्वेटर की धनराशि के चेक का भुगतान पड़ा हुआ है। कई बार बुलाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है।

6 महीने पहले प्रिंसिपल का वेतन रोक दिया गया था

6 महीने पहले प्रिंसिपल का वेतन रोक दिया गया था

आपको बता दें कि मिड डे मील में अनियमितता पाए जाने पर 6 महीने पहले प्रिंसिपल का वेतन रोक दिया गया था। इसके बाद से प्रधान मिड डे मील की चैट पर सिग्नेचर नहीं कर रहे थे। इस कारण मृतक काफी परेशान था। शनिवार की शाम करीब 3.45 बजे परेशानी की हालत में उन्होंने स्कूल में रखा केरोसिन का तेल अपने ऊपर डालकर आग लगा ली। इस मामले में ग्राम प्रधान मोहन सिंह का कहना है कि प्रिंसिपल द्वारा जो आरोप लगाया जाए वह निराधार हैं। मिड डे मील में फल व दूध वितरण ना होने पर मैंने मिड डे मील के चेक पर 6 महीने से सिग्नेचर नहीं किए थे। वहीं SP डॉ ओपी सिंह ने कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा।

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English summary
Uttar pradesh:Teacher commit suicide after writing suicide note on black board
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