USIBC Summit: अमेरिकी उप विदेश मंत्री का दावा- S-400 डिफेंस सिस्टम पर जल्द सुलझेगा भारत के साथ विवाद
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) द्वारा आयोजित इंडिया आइडियाज समिट में अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी आर शर्मन और भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने हिस्सा लिया। इस दौरान कोरोना महामारी, रक्षा समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। शर्मन के मुताबिक भारत ने कई जरूरतमंद देशों के लिए वैक्सीन का निर्यात शुरू कर दिया है। ये सबसे अहम फैसला है। भारत ही वास्तव में एक ऐसा देश था, जिस पर मुश्किल वक्त में दुनिया निर्भर थी। उन्होंने आश्वसन दिया कि जिस तरह से भारत ने दूसरे देशों की मदद की, वैसे ही मुश्किल पड़ने पर सभी देश भारत के पक्ष में आएंगे।

बैठक के दौरान अफगानिस्तान का भी मुद्दा उठा। जिस पर शर्मन ने कहा कि अफगानिस्तान के हालात पर वो नजर बनाए हुए हैं। उस मुद्दे पर अमेरिका और भारत का दृष्टिकोण एक जैसा ही है। उन्होंने इशारा किया कि वाशिंगटन अफगानिस्तान पर एक मजबूत कार्यक्रम तैयार कर रहा है, लेकिन इस बारे में उन्होंने विस्तार से नहीं बताया। उन्होंने उन लोगों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा पर भी जोर दिया जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं।
वहीं अमेरिका, भारत और रूस के बीच हुए एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद से परेशान है। इस पर शर्मन ने कहा कि जल्द ही तीनों देश मिलकर इस मतभेद को सुलझा लेंगे। रही बात संभावित प्रतिबंधों की तो उस पर फैसला राष्ट्रपति बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन करेंगे।
क्या है एस-400 का विवाद?
भारत ने 2019 में मिसाइल प्रणालियों के लिए रूस को लगभग 800 मिलियन अमरीकी डॉलर के भुगतान की पहली किश्त दी। S-400 को रूस की सबसे उन्नत लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली के रूप में जाना जाता है। अमेरिका को ये डील नहीं पसंद, वो चाहता है कि भारत उसकी रक्षा प्रणाणियों को खरीदे। वैसे एस-400 पर भारत का रुख साफ है, जहां वायुसेना प्रमुख ने मंगलवार को कहा था कि इस साल इस पहला बैच भारत पहुंच जाएगा। अब ऐसी संभवना जताई जा रही कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन तुर्की जैसे प्रतिबंध भारत पर भी लगा सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications