NDA से गुरुवार को अलग होने का ऐलान कर सकते हैं उपेंद्र कुशवाहा
नई दिल्ली। आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा एनडीए में रहेंगे या छोड़ देंगे इसका फैसला वह गुरुवार को लेंगे। एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर नाराज चल रहे कुशवाहा इस बात का ऐलान गुरुवार को मोतिहारी में होने वाले खुले अधिवेशन में कर सकते हैं। रालोसपा अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बिहार में जेडीयू व बीजेपी नेताओं के लगातार बढ़ रही तल्खी के चलते सुलह समझौते के आसार कम हो गए हैं। वह बिहार के वाल्मीकिनगर में पार्टी द्वारा आयोजित चिंतन शिविर के माध्यम से पिछले दो दिनों से विचार विमर्श कर रहे हैं।

शीतकालीन सत्र के दौरान एनडीए से अपना नाता तोड़ सकती है
ऐसा माना जा रहा है कि, बिहार में बीजेपी की सहयोगी रालोसपा संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एनडीए से अपना नाता तोड़ सकती है। उपेंद्र कुशवाहा पार्टी के चिंतन शिवर के माध्यम से पिछले दो दिनों से प्रदेश के सभी स्थानों से आए नेताओं के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं कि उन्हें एनडीए में रहना चाहिए या नहीं। उधर बीजेपी अपनी तरफ से रालोसपा के साथ संबंध नहीं तोड़ना चाहती है। उसकी कोशिश है कि रालोसपा नए सीट तालमेल के साथ उसके साथ रहे।

सीट बंटबारे पर फंसा पेंच
अगर कुशवाह एनडीए से अलग होते हैं तो चंद्रबाबू नायडू के बाद एनडीएन के अलग होने वाले दूसरे सहयोगी होंगे। सूत्रों के अनुसार इसमें रालोसपा के हिस्से में महज एक लोकसभा सीट आ रही है। रालोसपा के साथ उसके निलंबित सांसद अरुण कुमार भी फिर से साथ आए हैं। जिसके चलते पार्टी कम से कम दो सीटें मांग रही है। वाल्मीकिनगर में हुए दो दिनों के चिंतन शिविर में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अंतिम फैसला लेने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपा है।

नीतीश कुमार जिस नाव में बैठेंगे वह डूब जाएगी
चिंतन शिविर में कुशवाहा ने नीतीश कुमार पर फिर से जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार जिस नाव में बैठेंगे वह डूब जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध का ग्राफ जितना बढ़ रहा है उसपर रोक लगाने में नीतीश सरकार फेल दिख रही है। भ्रष्टाचार के मामले पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाले नीतीश कुमार इस मुद्दे पर भी फेल होता दिख रहे है।












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