अमित शाह से मुलाकात के बाद बदले से नजर आ रहे उपेंद्र कुशवाहा, अब 'दुश्मन' को 'दोस्त' बता रहे हैं!
नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा एनडीए में बने रहेंगे या 2019 लोकसभा में महागठबंधन के साथ मैदान में उतरेंगे? अटकलों का बाजार काफी दिनों से गर्म चल रहा है। इन्हीं अटकलबाजियों के बीच एक ओर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और नीतीश कुमार ने बराबर सीटों पर 2019 लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया। अमित शाह और नीतीश कुमार के बीच सहमति की खबर के चर्चा में आते ही उपेंद्र कुशवाहा और तेजस्वी की यादव सामने आई। मामला बड़ा ही टेढ़ा लगने लगा। इसके बाद हाल में उपेंद्र कुशवाहा की अमित शाह के साथ मुलाकात हुई, जिसके बाद वह एकदम बदले-बदले नजर आ रहे हैं। उपेंद्र कुशवाहा को नीतीश कुमार का कट्टर विरोध माना जाता है, वह खुद भी ऐसा ही दावा करते रहे हैं, लेकिन रालोसपा अध्यक्ष नीतीश कुमार को अपना बड़ा भाई बता रहे हैं।

उपेंद्र कुशवाहा बोले- नीतीश कुमार बड़े भाई
उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को पटना में कहा कि नीतीश कुमार उनके बड़े भाई जैसे हैं। जितना वह नीतीश कुमार को जानते हैं, उतना ही नीतीश कुमार उन्हें जानते हैं। कुशवाहा ने कहा कि उनकी बातों का गलत अर्थ निकाला गया। नीतीज कुमार ने खुद कहा था कि उन्हें 15 साल हो गए मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए। वह खुद नहीं चाहते कि सीएम बनें। उपेंद्र कुशवाहा और उनकी पार्टी की ओर कुछ दिनों पहले तक नीतीश कुमार का जमकर विरोध किया जा रहा था। रालोसपा के नेता कह रहे थे कि बिहार में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार नहीं बल्कि उपेंद्र कुशवाहा के हाथों में होना चाहिए।

सीटों पर अभी तक एनडीए में कुछ भी तय नहीं
बुधवार को पटना में उपेंद्र कुशवाहा ने सीट शेयरिंग के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि जेडीयू और बीजेपी के बीच बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है, लेकिन दोनों कितनी सीटों पर लड़ेगे, इस बारे में तक कोई फैसला नहीं हुआ है। कुशवाहा ने कहा कि अमित शाह के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी की इच्छा जाहिर कर दी है।
तेजस्वी से मुलाकात के बाद गर्म हो गया था अटकलों का बाजार
उपेंद्र कुशवाहा के बयान से स्पष्ट है कि रालोसपा के महागठबंधन में जाने की अटकलों में ज्यादा दम नहीं है। इसके पीछे कई अहम कारण है। यह बात सच है कि उपेंद्र कुशवाहा हाल में तेजस्वी के साथ बैठे नजर आए थे, लेकिन उस तस्वीर का सच कुछ और है। उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि सर्किट हाउस में तेजस्वी यादव उनके कमरे में आए थे। कुशवाहा वहां पार्टी के काम से गए थे। इसी दौरान तेजस्वी के साथ बातचीत हुई और मामला तूल पकड़ गया। हालांकि, इस मुलाकात के ठीक बाद रालोसपा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एनडीए में बनी हुई है।

तेजस्वी से मुलाकात के बाद गर्म हो गया था अटकलों का बाजार
उपेंद्र कुशवाहा के बयान से स्पष्ट है कि रालोसपा के महागठबंधन में जाने की अटकलों में ज्यादा दम नहीं है। इसके पीछे कई अहम कारण है। यह बात सच है कि उपेंद्र कुशवाहा हाल में तेजस्वी के साथ बैठे नजर आए थे, लेकिन उस तस्वीर का सच कुछ और है। उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि सर्किट हाउस में तेजस्वी यादव उनके कमरे में आए थे। कुशवाहा वहां पार्टी के काम से गए थे। इसी दौरान तेजस्वी के साथ बातचीत हुई और मामला तूल पकड़ गया। हालांकि, इस मुलाकात के ठीक बाद रालोसपा ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी एनडीए में बनी हुई है।












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