GST के तहत नेशनल एंटी प्रोफिटीयरिंग अथॉरिटी बनाने को मिली मंजूरी, कारोबारियों की मुनाफाखोरी पर रहेगी इसकी नजर
नई दिल्ली। कैबिनेट ने गुरुवार को कई अहम फैसले किए हैं। इनकी घोषणा केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने की है। इन फैसलों से देश के लोगों को खूब फायदा होगा। इनमें दालों के निर्यात, आंगनवाड़ी, हाउसिंग कारपेट एरिया और जीएसटी को लेकर किए गए बड़े फैसले शामिल हैं। इसमें सबसे अहम फैसला है जीएसटी के तहत 'नेशनल एंटी-प्रोफिटीयरिंग अथॉरिटी' बनाने का। यह अथॉरिटी दुकानदारों पर नजर रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि जीएसटी के तहत घटी दरों का फायदा ग्राहक को मिले। टैक्स कम होने के बावजूद अगर कोई महंगा माल बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। कच्चा माल खरीदते हुए कारोबारी जो टैक्स देगा, सामान को बेचते समय इनपुट टैक्स के तौर पर इसका फायदा कारोबारी ले सकेंगे। यह अथॉरिटी इस बात का ध्यान रखेगी कि कारोबारी मुनाफा खुद न रखे। आइए जानते हैं कैबिनेट के इन फैसलों के बारे में।

1- जीएसटी के तहत नेशनल एंटी प्रोफिटीयरिंग अथॉरिटी को बनाने की मंजूरी मिली।
2- दालों के निर्यात पर लगाई गई सभी तरह की रोक को हटाया गया।
3- एकीकृत बाल विकास सेवाओं को 30 नवंबर 2018 तक के लिए बढ़ाया गया, जिनमें आंगनवाड़ी और अन्य सेवाएं भी शामिल हैं।
4- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिडिल इनकम ग्रुप के लोगों के लिए खास घोषणा की गई। इसमें क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम के तहत जो लोग इंट्रेस्ट सब्सिडी के लिए एलिजिबल हैं, उनके लिए हाउसिंग कारपेट एरिया को बढ़ाया गया।












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