93 साल में पहली बार पेश नहीं होगा रेल बजट, क्या होगा जेटली के पिटारे में
1924 में अंग्रेजों के वक्त से 2016 तक रेल बजट अलग से पेश किया जाता रहा है लेकिन इस साल ऐसा नहीं होगा।
नई दिल्ली। 1 फरवरी यानी कि बुधवार को देश के वित्त मंत्री अरूण जेटली आम बजट पेश करने जा रहे हैं। पूरे 93 साल बाद देश में रेल बजट नहीं होगा बल्कि सीधे वित्तमंत्री आम बजट संसद में पेश करेंगे।

- पहली बार आम बजट 28 या 29 फरवरी की बजाय 1 फरवरी को पेश किया जाएगा।
- आम बजट में ही यह निर्धारित किया जाएगा कि रेलवे मंत्रालय को कितना बजट दिया जाना है।
- 1924 में अंग्रेजों के वक्त से 2016 तक रेल बजट अलग से पेश किया जाता रहा है।
- हालांकि चुनावों के मद्देनजर चुनावी राज्यों के लिए किसी खास योजनाओं का ऐलान नहीं होगा।
- नोटबंदी के बाद आने वाले इस बजट की ओर पूरे सवा सौ करोड़ भारतीयों की निगाहें लगी हुई हैं।
- उम्मीद की जा रही है कि इस बार जेटली के पिटारे से कुछ मीठी गोलियां निकलेंगी।
- लेकिन वहीं लोगों को लग रहा है कि जेटली GST के मद्देनजर सर्विस टैक्स बढ़ा सकते हैं।
- हो सकता है कि इनकम टैक्स स्लैब में भी बदलाव हो।
- जिसके तहत आठ लाख रुपए तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है।
- 50 हजार रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर टैक्स भी लगाया जा सकता है।
- परंपरा के मुताबिक केंद्र सरकार का बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश किया जाता रहा है।
- अब इसे एक महीने पहले पेश किया जाएगा।
- संसद का बजट सत्र भी 1 फरवरी से शुरू हो रहा है।
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