• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

योगी सरकार के दो साल पूरे: 5 विवाद और कुछ कड़े फैसले

|

लखनऊ। आज उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के दो साल पूरे हो गए हैं, इन दो सालों में प्रदेश में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया के सामने अपनी उपलब्धियां गिनाई है और कहा कि पिछले दो साल में उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश में एक भी दंगा नहीं हुआ है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले किसान परेशान था, लेकिन हमारी सरकार ने कर्ज माफ किया लेकिन क्या इन बातों में पूर्ण सच्चाई है, इसका आंकलन आप कीजिए लेकिन यहां हम बात करते उन 5 बड़े विवादों की जिन्होंने सीएम योगी और उनकी सरकार को काफी दिनों तक सवालों के कटघरे में खड़ा रखा था और जिनके जवाब आज भी लोगों को नहीं मिले हैं।

ताबड़तोड़ एनकाउंटर

ताबड़तोड़ एनकाउंटर

आज सीएम योगी ने कहा कि पिछले दो साल में प्रदेश में 3500 से अधिक मुठभेड़ हुई हैं, इस दौरान 8000 अपराधी गिरफ्तार, 1000 घायल, 73 मारे गए हैं जबकि 12000 अपराधियों ने समर्पण किया है लेकिन सच तो यह है कि एनकाउंटर को लेकर लगातार सवालों के घेरे में हैं क्योंकि विपक्ष और मुठभेड़ में मारे गए कुछ लोगों के परिजनो ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया, इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब अलीगढ़ में हुए दो एनकाउंटर में मीडिया को मौके पर बुलाया गया था, एनकाउंटर में मारे गए लोगों के परिजनों ने सीधे तौर पर योगी सरकार और पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए मामले के जांच की मांग की थी।

यह भी पढ़ें: PROFILE: डॉक्टर हैं गोवा के नए सीएम प्रमोद सावंत, पर्रिकर के थे बेहद करीबी, जानिए खास बातें

बुलंदशहर हिंसा

बुलंदशहर हिंसा

यूपी समेत पूरे देश में बुलंदशहर हिंसा की बातें काफी दिनों तक होती रहीं, जिसमें गोकशी को लेकर भड़की हिंसा को रोकने में प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह की हत्या हो गई थी, पुलिस चौकी को फूंक दिया गया, इस घृणित घटना का आरोप बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज पर लगा, जिसके कारण योगी सरकार सवालों के घेरे में रही।

एप्पल के अधिकारी की हत्या

एप्पल के अधिकारी की हत्या

राजधानी लखनऊ में हुई इस दर्दनाक हत्या का कारण आज भी किसी के पास नहीं है, गौरतलब है कि लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर विस्तार में यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी को गोली मार दी, जिसके चलते उनकी मौत हो गई, इस मामले में मृतक का परिवार लगातार पुलिस पर सवाल उठाता रहा तो विरोधियों ने योगी सरकार पर अपराधियों को बचाने का आरोप भी लगाया।

यह भी पढ़ें: मुकेश अंबानी ने दिखाया बड़प्पन, छोटे भाई को जेल जाने से बचाया, अनिल ने कहा-शुक्रिया भैया

सहारनपुर हिंसा

सहारनपुर हिंसा

साल 2017 में यूपी के सहारनपुर जनपद में जातीय हिंसा भड़क गई थी. जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान किए जाने के बाद दलित और क्षत्रिय आपस में भिड़ गए थे इस हिंसा ने राजनीतिक जामा तब पहना जब बसपा सुप्रीमो मायावती दलितों का हाल जानने शब्बीरपुर जा पहुंची, जिसके बाद वहां हिंसा ने विकराल रूप धारण कर लिया, इस घटना ने सीधे तौर पर योगी सरकार और उनकी पुलिस के कामों पर सवाल उठाए।

कासगंज बवाल

कासगंज बवाल

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गणतंत्र दिवस के दिन झंडा यात्रा में गीत बजाने और नारेबाजी के बाद दो गुटों के बीच हिंसा भड़क गई थी. आरोप है कि इस दौरान उपद्रवियों की गोली से एक युवक की मौत हो गई थी, इस मामले में भी योगी सरकार सवालो के कटघरे में रहे, विरोधियों ने इस घटना को भी सियासी मुद्दा बनाने की पूरी कोशिश की।

कुछ बड़े और कड़े फैसले

कुछ बड़े और कड़े फैसले

वैसे सवालों के घेरे के अलावा योगी सरकार मे अपने पिछले दो सालों में कुछ बड़े फैसले भी लिए हैं, जिनमें अपराधियों के एनकाउंटर की खुली छूट, अवैध बूचड़खाने पर लगाम, शहरों के नाम बदले गए, एंटी रोमियो स्क्वाड और गाय को लेकर कुछ नीतिगत फैसले शामिल हैं, जिन्होंने लगातार योगी सरकार को सुर्खियों में बनाए रखा।

यह भी पढ़ें: Holi 2019: रंग खेलने से पहले जरूर जानिए होली के बारे में ये दिलचस्प बातें

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath on Tuesday completed two years in office, here is Read 5 Controversy and some Big Dicision of his Govt.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more