भारत में पहली बार दो महिलाओं को होगी फांसी, 9 बच्चों की निर्मम हत्या का आरोप
मुंबई। भारत में पहली बार किसी महिला को फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। एक हीं दो महिलाओं को शनिवार के बाद कभी भी फांसी दी जा सकती है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर की इन दो बहनों पर 13 बच्चों को अगवा करने और उनमें से 9 को मार डालने का आरोप है।

कोल्हापुर की रहने वाली ये दोनों महिलाएं, रेणुका शिंदे और सीमा गावित बहनें हैं। इन दोनों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। वहीं सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पिछले महीने उनकी दया याचिका ठुकरा दी थी और तब से अब तक सरकारी कार्रवाई जारी है। अब इन दोनों को कभी फांसी दी सकती है।
इस बारे में दोनों के परिवार वालों को भी बता दिया गया है। अगर इन दोनों को फांसी पर लटकाया जाता है तो आजादी के बाद मृत्युदंड पाने वाली ये पहली महिला होगीं।
9 बच्चों की निर्मम हत्या
ये दोनों क्रूर बहने वर्ष 1990 से 1996 तक अपनी मां के साथ मिलकर बच्चों का अपहरण करती थी। अब तक इन्होंने 13 बच्चों को अगवा किया था और उन्हें भीख मांगने के लिए मजबूर किया। साथ ही जब उनमें से कुछ बच्चे काम करने में असफल हो जाते या काम करने के लायक नहीं रहे तो उन्होंने उन मासूम बच्चों का लोहे की छड़ से वार कर निर्मम हत्या कर दिया।
बाद में ये तीनों मां-बेटी पुलिस के नजरों में आ गई और निर्मम हत्याकांड के लिए इन पर कार्रवाई की गई। इनकी मां अंजनाबाई की ट्रायल के दौरान यरवदा जेल में ही मौत हो गई थी। वर्ष 2001 में इन्हें मौत की सजा सुनाई गई। इस मामले में रेणुका का पति किरण शिंदेभी शामिल था। लेकिन बाद में वह सरकारी गवाह बन गया था।












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