लेह को चीन का हिस्सा दिखाने पर ट्विटर ने मांगी मौखिक माफी, संसदीय समिति हुई नाराज
नई दिल्ली: हाल ही में सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने लेह और जम्मू-कश्मीर को चीन का हिस्सा दिखा दिया था। जिस पर भारत सरकार की ओर से कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई गई। साथ ही पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट पर संसदीय समिति ने ट्विटर इंडिया के अधिकारियों को समन भेजा था। इसके बाद बुधवार को ट्विटर के अधिकारी समिति के सामने पेश हुए। साथ ही अपनी गलती पर सफाई दी। जिस पर समिति ने उनके जवाब को अपर्याप्त बताया था। अब ट्विटर ने अपनी गलती के लिए माफी मांग ली है।
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दरअसल एक पत्रकार लेह में शहीद स्मारक से ट्विटर पर लाइव कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि ऐप उनकी लोकेशन चीन में दिखा रहा। जिसके बाद संसदीय समिति ने भी इस मामले में ट्विटर अधिकारियों से जवाब मांगा। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक ट्विटर ने लेह और जम्मू-कश्मीर को चीन का हिस्सा दिखाने पर संयुक्त संसदीय समिति से मौखिक माफी मांगी है। इस पर समिति ने कड़ी नाराजगी जताई। साथ ही ट्विटर को लिखित माफीनामा और शपथ पत्र (Affidavi) जमा करने को कहा है। इससे पहले ट्विटर ने जो सफाई दी थी उसे समिति ने सर्वसम्मत राय से अपर्याप्त बताया था। ये समिति मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता में इस मामले को देख रही है।
बुधवार को मामले में मीनाक्षी लेखी ने कहा कि यह केवल संवेदनशीलता का मामला नहीं है, यह भारत की संप्रभुता और अखंडता का मामला है। लद्दाख को चीनी भाग के तौर पर दिखाना आपराधिक कृत्य के समान है, जिसके लिए सात जेल की सजा का प्रावधान है। लेखी ने पहले केंद्रीय आईटी सचिव अजय साहनी ने भी ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस तरह के प्रयासों से ट्विटर की निष्पक्षता और कामकाज पर सवाल उठते हैं, उसकी साख भी गिरती है। उन्होंने कहा कि ट्विटर को भारतीय नागरिकों की संवेदनशीलता का सम्मान करना चाहिए।












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