शगुफ्ता अली के बुरे दौर में मसीह बनकर आए थे दिलीप कुमार, कहा-मेरे पारिवार का उठाया था खर्चा

मुंबई, जुलाई 07: कई बड़े टीवी सीरियल और बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी फेमस अभिनेत्री शगुफ्ता अली को आज उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उनके यूसुफ अंकल यानी दिलीप कुमार का इंतकाल हो गया। शगुफ्ता अली की जिंदगी में दिलीप कुमार की अहम जगह है। इन दिनों आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारियों से जूझ रहीं शगुफ्ता अली को फिल्मों में काम उनके अंकल यानी दिलीप कुमार ने दिलवाया था।

शगुफ्ता ने दिलीप कुमार द्वारा की गई मदद का जिक्र किया

शगुफ्ता ने दिलीप कुमार द्वारा की गई मदद का जिक्र किया

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने बताया कि 38 साल पहले किस तरह दिलीप कुमार उनके परिवार के लिए मसीहा बनकर आए और पूरे परिवार की मदद की। शगुफ्ता अली ने बताया, 'मेरे शादी ना करने एक बड़ी वजह थी परिवार की जिम्मेदारी। मुझे उनका ख्याल रखना था। मैंने परिवार की वजह से ही काम करना शुरू किया था। शगुफ्ता ने दिलीप कुमार द्वारा की गई मदद का जिक्र किया।

 'दिलीप कुमार का जाना मेरी निजी क्षति'

'दिलीप कुमार का जाना मेरी निजी क्षति'

शगुफ्ता अली ने कहा कि, मैं सदमे में हूं। मैं कल रात फरीदा दादी से बात कर रही थी और मैंने उससे कहा था कि चिंता न करें क्योंकि सब ठीक हो जाएगा। मैंने उनसे कहा कि हर कोई दिलीप साहब के लिए दुआ कर रहा है। यह मेरे और मेरी मां के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है (भावनात्मक हो जाती है)। यूसुफ साहब ने हमारे लिए जो किया है, वह तुलना से परे है और जो उन्होंने हमारे लिए किया वह कोई नहीं कर सकता। मैंने अपने जीवन से एक फरिश्ता खो दिया है।

'सायरा बानो जी एक बेहतरीन इंसान हैं'

'सायरा बानो जी एक बेहतरीन इंसान हैं'

टीवी एक्ट्रेस ने कहा कि, सायरा बानो जी एक बेहतरीन इंसान हैं। अल्लाह उसकी मदद करे और उसे शांति और धैर्य दे। दिलीप साहब के बिना उनके लिए जिंदगी गुजारना काफी मुश्किल होने वाला है। वह युसूफ अंकल के इतने करीब रही हैं, हमने इसे अपनी आंखों से देखा है। यह बहुत ही चौंकाने वाला और दुखद है। उन्होंने अपना जीवन दिलीप साब के लिए समर्पित कर दिया है और पूरी तरह से हमेशा उनके साथ हैं। यह हमारे लिए बहुत बड़ी क्षति है।

'मेरे पिता के इलाज का खर्च उन्होंने उठाया था'

'मेरे पिता के इलाज का खर्च उन्होंने उठाया था'

शगुफ्ता अली ने बताया कि, मैंने 17 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था क्योंकि मेरे पापा की लंदन में हार्ट की एक बड़ी सर्जरी होनी थी। मेरे पापा दिलीप साहब के करीबी दोस्त थे। इसलिए दिलीप अंकल ने उनका सारा खर्च उठाया। यह 38 साल पहले की बात है। उस टाइम यूसुफ अंकल मतलब दिलीप अंकल ने लंदन में पापा के इलाज के लिए 6 लाख रुपये भेजे थे। सर्जरी सक्सेसफुल रही थी। वह वहां 2 महीनों तक रहे और फिर वापस आ गए। मैं और मेरी मां दिलीप अंकल के कर्जदार हैं।

'उन्होंने ही मुझे फिल्मों में काम दिलाया था'

'उन्होंने ही मुझे फिल्मों में काम दिलाया था'

शगुफ्ता अली ने बताया कि, कि दिलीप कुमार ने सिर्फ उनके पापा के इलाज में ही नहीं बल्कि उन्हें काम दिलाने में भी मदद की थी। शगुफ्ता ने बताया कि सर्जरी के बाद पापा काम नहीं कर सकते थे और तब दिलीप कुमार ने उनके परिवार की बहुत आर्थिक मदद की थी। चूंकि परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए घर में और कोई सदस्य नहीं था। जिसके बाद मैंने काम करने का फैसला लिया। मुझे काम दिलाने में अंकल ने बहुत मदद की। दिलीप अंकल ने मुझे मेरी पहली फिल्म 'कानून अपना अपना' दिलवाई। हालांकि मैंने पहले एक तेलुगु फिल्म की थी, लेकिन दिलीप अंकल ने मुझे वह फिल्म दिलवाई। इसके बाद उन्होंने मुझे एक और फिल्म दिलवाई और फिर इसके बाद मैंने काम करना शुरू कर दिया।

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