भारतीय महासागर में सुनामी का अलर्ट, ईस्ट तिमोर 6.1 तीव्रता के भूकंप के बाद सतर्क हुई एजेंसी
नई दिल्ली, 27 मई। अमेरिकी यूएस जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट ने भारतीय महासागर में सुनामी की संभावना जाहिर की है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईस्ट तिमोर द्वीप में 27 मई को 6.1 तीव्रता के भूकंप की सूचना दी है। एजेंसी ने कहा कि इस भूकंप के बाद सुनामी आ सकती है। सुनामी सलाहकार समहू के अनुसार यह भूकंप हिंद महासागर क्षेत्र को प्रभावित करने में सक्षम है, लिहाजा यहां सुनामी आ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार भूकंप तिमोर द्वी के पूर्वी किनारे से तकरीबन 51.4 किलोमीटर की गहराई में आया। यह इलाका पूर्वी तिमोर और इंडोनेशिया को दो हिस्सों में बांटता है।

भारतीय एजेंसी ने जारी किया अलर्ट
अमेरिकी एजेंसी की रिपोर्ट के बाद इंडियन ओसियन सुनामी वार्निंग एंड मिटिगेशन सिस्टम की ओर से ईस्ट तिमोर जोकि पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में स्थित है, यहां पर सुनामी की चेतावनी जारी की गई है इसका मतलब है कि यहां पर फिर से भूकंप आ सकता है। बता दें कि ईस्ट तिमोर को तिमोर लेस्ट के नाम से भी जाना जाता है, जोकि द्वीप देश है, जिसके पूर्व में इंडोनेशिया और दक्षिण में ऑस्ट्रेलिया स्थित है। यहां पर समुद्री रीफ काफी ज्यादा पाए जाते हैं। तिमोर लेस्ट की राजधानी दिली है जिसने 1975 में पुर्तगाल से आजादी की लड़ाई लड़ी और 2002 में इंडोनेशिया से।

2004 में लाखों लोगों की गई थी जान
जिस तरह से 6.2 तीव्रता का भूकंप इंडोनेशिया के नॉर्थ सुमात्रा में फरवरी माह में आया था, उसने दर्जनों लोगों की जान ले ली थी। इसके बाद 2004 में 9.1तीव्रता का भूकंप सुमात्रा के तट पर आया था, जिसके बाद सुनामी आई थी और 2.2 लाख से अधिक लोगों की जान इस सुनामी में चली गई थी। जब कभी भी सुनामी का खतरा होता है तो इसको लेकर चेतावनी जारी की जाती है, जिससे बाद तटीय इलाकों से लोगों को दूर जाने का निर्देश जारी किया जाता है।

चेतावनी के बाद क्या होता है
सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद पूरे क्षेत्र को खाली करा लिया जाता है, जहां पर इसका खतरा होता है। स्थानीय अधिकारी इसके लिए जरूरी कदम उठाते हैं, पानी से नावों को वापस बुला लिया जाता है। चेतावनी को संशोधित किया जाता है, हालात को देखते हुए इसमे बदलाव किया जाता है। शुरुआती चेतावनी मुख्य रूप से भूंकप के बाद हासिल हुए आंकड़ों के आधार पर होती है, जिससे कि लोगों को शुरुआत में ही अलर्ट किया जा सके।

पेरू में आए थे भूकंप के तेज झटके
बता दें कि इससे पहले दक्षिणी पेरू में 7.2 तीव्रता का भूकंप आयाथा। यह काफी शक्तिशाली झटका था। भूकंप के झटके सुबह तकरीबन 7 बजे महसूस किए गए थे। भूकंप का केंद्र अजनगारो से पश्चिम-उत्तर से 13 किलोमीटर दूर था। यह सतह से 217 किलोमीटर नीचे गहराई में था। भूकंप के झटकों से बोलीविया की राजधानी ला पाज, पेरू के कुछ शहर आरेक्विपा, टाक्ना, कस्को की कुछ बिल्डिंग हिल गई थी। हालांकि इन झटकों से किसी भी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।












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