राष्ट्रपति पद से हटते ही कानून के घेरे में आएंगे डोनाल्ड ट्रंप, बढ़ेगी मुश्किलें
नई दिल्ली- अमेरिकी जनता ने राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को हरकार उन्हें व्हाइट हाउस से ही बाहर का रास्ता नहीं दिखाया है, इससे यह भी तय हो गया है कि आने वाले वक्त में वो कई तरह के कानूनी शिकंजे में उलझने वाले हैं। क्योंकि, राष्ट्रपति पद पर रहते हुए ट्रंप को फौजदारी मुकदमों से संरक्षण मिला हुआ है, लेकिन 20 जनवरी, 2021 के बाद उनका यह संरक्षण खत्म हो जाएगा। आइए जानते हैं कि वो कौन-कौन से केस हैं, जो आने वाले वक्त में ट्रंप को अदालतों के चक्कर कटवाते रहेंगे।

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मानहानि के दो चर्चित केस
जो मामले डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं, उनमें मानहानि के दो बड़े केस शामिल हैं। 2019 में ई जीन कैरोल नाम की एक लेखिका ने डोनाल्ड ट्रंप पर 1990 में न्यूयॉर्क के मैनहटन स्थित एक डिपार्टमेंटल स्टोर के ड्रेसिंग रूम में रेप करने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने दावा किया कि कैरोल झूठ बोल रही हैं। कैरोल ने ट्रंप के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कर दिया। दि एपरेंटिस शो की एक पूर्व प्रतिभागी समर जेरवोस ने ट्रंप पर 2007 में एक होटल रूम में जबर्दस्ती पकड़ने और किस करने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने जेरवोस को झूठा करार दिया। 2017 में जेरवोस ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कर दिया।

टैक्स चोरी और भ्रष्टाचार के मामले
न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के खिलाफ एक सिविल जांच की मांग कर रहे हैं। इसके मुताबिक कुछ मामलों में ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन ने कुछ प्रॉपर्टी की कीमत गलत तरह से पेश किए और कुछ मामलों में उनकी कीमत कम कर के बताई, ताकि लोन लेने में आसानी रहे और टैक्स बेनिफिट का फायदा भी मिल सके। 2017 में वॉशिंगटन डीसी और मैरीलैंड के स्टेट अटॉर्नी जनरल ने भी उनके खिलाफ केस किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि ट्रंप ने अपने पद का फायदा उठाते हुए भ्रष्ट तरीके से लाभ कमाया। आरोपों के मुताबिक उन्होंने अमेरिकी नागरिकों के मुकाबले अपने आर्थिक हितों को ऊपर रखा। उनके खिलाफ न्यूयॉर्क के एक होटल और रेस्टोरेंट ऑपरेटर की ओर से दायर मुकदमा भी लंबित है।
धोखाधड़ी का केस
ट्रंप की भतीजी मैरी ट्रंप ने भी परिवार के रीयल एस्टेट एंपायर को लेकर उनपर, उनकी बहन पर और उनके मृत भाई के खिलाफ धोखाधड़ी का केस कर रखा है। उनका आरोप है कि इन लोगों ने फ्रेड ट्रंप सीनियर के खड़े किए गए रीयल एस्टेट एंपायर में उन्हें उनके हितों से वंचित किया है।

चुनाव में रूस से साठगांठ का मामला
पूर्व स्पेशल काउंसल रॉबर्ट मूलर की रिपोर्ट में कई ऐसी बातें हैं, जिनमें इन बातों की विस्तार से जांच की गई है कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने न्याय को बाधित करते हुए चुनाव को प्रभावित करवाया हो सकता है। हालांकि, ट्रंप इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। ट्रंप के खिलाफ आपाराधिक केस इसलिए दर्ज नहीं हो पाया, क्योंकि जस्टिस डिपार्टमेंट की दलील थी कि मौजूदा राष्ट्रपति पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। अब जब ट्रंप की छुट्टी तय हो चुकी है तो यह केस फिर से खोले जा सकते हैं। (ग्राफिक्स सौजन्य- न्यूज18 क्रियेटिव)












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