दिल्ली: नो एंट्री जोन में घुस रहे ट्रक ड्राइवर ने ASI को रौंदा, मौत
नई दिल्ली। नो एंट्री जोन में ट्रक को घुसने से रोकने की वजह से एएसआई की जान चली गई है। दिल्ली के धौला कुंवा के पास जब नो एंट्री जोन में एक ट्रक घुस रहा था तो एएसआई जितेंद्र सिंह ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन ट्रक ड्राइवर ने ट्रक रोकने की बजाए उनपर चढ़ा दी, जिसकी वजह से एएसआई की मौत हो गई। घटना के बाद तकरीबन पांच किलोमीटर तक ट्रक का पीछा करके ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ड्राइवर के पास ना तो लाइसेंस है और ना ही उसके पास गाड़ी से जुड़े जरूरी दस्तावेज हैं। आरोपी ट्रक ड्राइवर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।

परिवार में तीन बच्चे
जानकारी के अनुसार आरोपी ट्रक ड्राइवर मेवात का रहने वाला है। वहीं इस हादसे में मारे गए एएसआई उत्तर प्रदेश के बागपत के रहने वाले हैं। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटी और एक बेटा है। उनका परिवार पालम में रहता है। आरोपी ड्राइवर का नाम अशफाक है जिसकी उम्र 22 वर्ष है। वह मेवात जिले के जमालपुर गांव का रहने वाला है। जिस वक्त वह नो एंट्री जोन में घुसा था उस वक्त वह अकेला ही ट्रक चला रहा था और उसके साथ कोई हेल्पर भी नहीं था। पुलिस के अनुसार एएसआई जितेंद्र सिंह मंगलवार की सुबह धौलाकुंवा से महिपालपुर-गुड़गांव जाने वाली गाड़ियों पर निगरानी रखने के लिए तैनात किए गए थे।
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अस्पताल में हुई मौत
जिस वक्त यह घटना हुई जितेंद्र सिंहं के साथ सिपाही पवन सिंह, संदीप और विजयपाल भी तैनात थे। इसी दौरान सुबह तकरीबन 7.41 बजे एक ट्रक काफी रफ्तार के साथ नो एंट्री जोन में घुसने लगा, तभी जितेंद्र सिंह ने उसे रोकने की कोशिश की लेकिन ट्रक ड्राइवर ने गाड़ी की रफ्तार को कम करने की बजाए उसे और बढ़ा दिया और जितेंद्र सिंह को टक्कर मार दी। हादसे के बाद जितेंद्र सिंह को वसंत कुंज के अस्पताल में ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
बेटी के लिए लड़का तलाश रहे थे
जितेंद्र सिंह परिवार में अकेले कमाने वाले थे। पुलिस की तरफ से इस बात का आश्वासन दिया गया है कि जितेंद्र सिंह के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। जितेंद्र के बड़े भाई ने जगबीर ने बताया कि बड़ी बेटी के लिए जितेंद्र लड़के की तलाश कर रहे थे। दो साल पहले ही जितेंद्र सिंह को एएसआई के पद पर पदोन्नत किया गया था।
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