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बिप्लब देब का एक और विवादित बयान, अब बोले- 'टैगोर ने अंग्रेजों के विरोध में लौटाया था नोबेल '

By Rahul Kumar
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    नई दिल्ली। अपने विवादित बयानों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहने वाले त्रिपुरा के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री बिप्लब देब एक बार फिर से अपने बयान के चलते विवाद से घिर गए है। रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर बिप्लब देब ने कहा कि टैगोर ने अंग्रेज़ों के विरोध में अपना नोबेल पुरस्कार लौटा दिया था।

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    उदयपुर में टैगोर की जयंती पर श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि टैगोर ने अंग्रेजों का विरोध करते हुए अपना नोबेल पुरस्कार लौटा दिया था। बिप्लब के इस बयान को लेकर उनका सोशल मीडिया पर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है।

    नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कवि, उपन्यासकार दार्शनिक रवींद्रनाथ टैगोर ने जलियावाला बाग हत्याकांड के विरोध में ब्रिटिश क्वीन की तरफ से मिली नाइटहुड की उपाधि को तो लौटा दिया था, लेकिन उन्होंने स्वीडिश अकादमी द्वारा दिए गए नोबल पुरस्कार को कभी नहीं लौटाया था।

    बिल्पब के विवादित बयान-

    1- महाभारत काल में भी इंटरनेट और सैटेलाइट की सुविधा उपलब्ध थी। अन्यथा कैसे संजय धृतराष्ट्र को महाभारत का आंखों देखा हाल सुना सकते थे। इससे साबित होता है कि उस वक्त भी इंटरनेट और सैटेलाइट की सुविधा थी।

    2- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देव ने कहा कि आज महिलाएं खूबसूरती के लिए ब्यूटी पार्लर पर निर्भर हैं, जबकि भारतीय महिलायें ऐसा नहीं करती थी। उन्होंने कहा '1997 में मिस इंडिया वर्ल्ड बनीं डायना हेडन इस काबिल नहीं थीं, क्या आपको लगता है, वो इस ख़िताब के काबिल थीं?' बिप्लव देव ने कहा कि सौंदर्य प्रतियोगिताओं के आयोजक अंतर्राष्ट्रीय मार्केटिंग माफिया पहले लड़कियों को भर्ती करते हैं और इसके बाद उनको रैंप पर चलवाते हैं। यहां पहले से तय कर लिया जाता है कि किसको अवॉर्ड देना है।

    3- बिप्लब देब ने कहा था कि, 'मकैनिकल इंजिनियरिंग करने के बाद सिविल सर्विसेज में नहीं जाना चाहिए।' उनका कहना था, 'बल्कि मकैनिकल के बजाय सिविल इंजिनियर्स को सिविल सर्विसेज जॉइन करनी चाहिए क्योंकि उनके पास प्रबंधन निर्माण और समाज से जुड़ी ज्यादा जानकारी और अनुभव होता है।'

    4-एक कार्यक्रम में सीएम देब ने कहा कि, 'युवा कई सालों से सरकारी नौकरी के पीछे पड़े रहते हैं। वह अपनी जिंदगी का अहम समय यहां-वहां दौड़कर सरकारी नौकरी की तलाश में बर्बाद करते हैं, लेकिन अगर यही युवा सरकारी नौकरी तलाश करने की बजाय पान की दुकान लगा लें या गाय ही पाल लें, तो उसके बैंक खाते में अबतक 5 से 10 लाख रुपये जमा हो जाते।

    5- इससे पहले बिप्लव कुमार देब ने पश्‍चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी को दिमाग की जांच कराने की सलाह दे चुके हैं। उनका कहना था कि 'ममता बनर्जी को पहले मंदिर जाना चाहिए। फिर किसी अस्पताल में दिमाग की जांच करानी चाहिए।'

    6- बिप्लब ने कहा, 'यहां हम बुद्ध जयंती मना रहे हैं। गौतम बुद्ध ने शांति और एकता का संदेश दिया। इसके लिए उन्होंने पूरे भारत, बर्मा (म्यांमार), जापान, तिब्बत और अन्य देशों की पैदल यात्रा की। भारत भूमि ही ऐसी है, जहां एक राजा बौद्ध भिक्षु बन जाता है और पूरी दुनिया को शांति का संदेश देता है।'

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    English summary
    tripura cm Biplab Deb says Tagore returned Nobel Prize in protest against British

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