• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अब ट्रांसजेंडर कैदियों का आंकड़ा वार्षिक रिपोर्ट में किया जाएगा शामिल, अलग से बनाई गई श्रेणी

|

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने सोमवार (7 दिसंबर) दिल्ली हाई कोर्ट ने सूचित किया कि अब ट्रांसजेंडर्स कैदियों का जेल में आंकड़ा का वार्षिक रिपोर्ट अलग से बनाया जाएगा। इसके लिए एक अलग लिंग श्रेणी बनाई गई है। दिल्ली हाई कोर्ट में एक सार्वजनिक मुकदमा दायर किए जाने के बाद राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने जेल आंकड़ों के अपने वार्षिक प्रकाशन में अलग से तीसरे लिंग के रूप में ट्रांसजेंडरों को वर्गीकृत किया है।

Transgender

पिछले हफ्ते दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार पूछा था कि ''वार्षिक जेल सांख्यिकी रिपोर्ट 2019'' और भविष्य में आने वाली रिपोर्ट में ट्रांसजेंडर कैदियों का विवरण शामिल करने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं? मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से ये भी सवाल किया था कि इस साल सितंबर में सरकार के संज्ञान में लाए गए इस मुद्दे पर क्या-क्या कदम उठाए गए हैं?

दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा था। जिसके एक हफ्ते बाद सोमवार (7 दिसंबर) को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने कोर्ट को सूचित किया है कि सरकार ने वार्षिक जेल रिपोर्ट में ट्रांसजेंडर कैदियों का विवरण शामिल करने का फैसला कर लिया है और इसके लिए एक अलग कैटेगरी भी बना दी गई है।

दिल्ली हाई कोर्ट में इस जनहित याचिका को खुद को पत्रकार और स्वतंत्र शोधकर्ता बताने वाले करण त्रिपाठी ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि ट्रांसजेंडर कैदियों का विवरण वार्षिक जेल रिपोर्ट में शामिल करने के लिए सरकार को कदम उठाने की जरूरत है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि इस बारे में उनके मुवक्किल ने सितंबर 2020 में केंद्र सरकार को एक प्रस्तुति भी दी थी।

ये भी पढ़ें- सिंघु बॉर्डर से बोले सीएम केजरीवाल- किसानों को 'स्टेडियम जेल' में रखना चाहती थी मोदी सरकार, डाला गया मुझपर दबावये भी पढ़ें- सिंघु बॉर्डर से बोले सीएम केजरीवाल- किसानों को 'स्टेडियम जेल' में रखना चाहती थी मोदी सरकार, डाला गया मुझपर दबाव

English summary
National Crime Records Bureau (NCRB) informs Delhi High Court that it has agreed to include transgender as a separate category in the gender classification of prisoners in their annual publication of prison statistics 2020.
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X