पुणे: छात्राओं को खास रंग के इनरवियर पहनने के फरमान पर स्कूल की सफाई
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में जाने-माने स्कूल ने तुगलकी फरमान की वजह से सूर्खियों में आ गया है। स्कूल ने छात्राओं के लिए अजीबो-गरीब फरमान सुनाया और कहा कि छात्राओं के स्कूल में खास रंग के इनर वियर पहनकर ही आना है। अपने फरमान के साथ स्कूल ने जुर्माने का भी ऐलान कर दिया। स्कूल ने छात्राओं के लिए 20 से 22 जटिल नियमों की लिस्ट बना दी और अभिभावकों के पास एक एफिडेविट साइन कराने के लिए भेज दिया। स्कूल के इस नई गाइडलाइन से पेरेंट्स में काफी आक्रोश में आ गए। अभिभावकों ने स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्कूल के सामने अभिभावकों की भारी भीड़ जमा हो गई।

पुणे के माईर्स एमआईटी स्कूल ने 20 से 22 जटिल शर्तों वाली एक नियमावली जारी की, जिसे लेकर अभिभावक गुस्से में आ गए। अभिभावकों ने प्राथमिक शिक्षा विभाग के सह निदेशक दिनकर टेमकर से मुलाकात कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं महाराष्ट्र के एमआईटी ग्रुप की कार्यकारी निदेशक डॉ. सुचित्रा खारद नागरे ने इस मामले में सफाई दी है। स्कूल की ओर से सफाई देते हुए सुचित्रा खारद ने कहा कि स्कूल की नई डायरी में कुछ भी विशेष निर्देश नहीं दिये गए हैं। जो नियम बच्चों के लिए बनाए गए हैं वो हमने अपने पहले के अनुभवों से सीखा है और उसे उसे लागू करने का फैसला किया है। इसके पीछे कोई भी छीपी हुई बात नहीं है।
गौरतलब है कि स्कूल ने छात्राओं के लिए जटिल नियमावली बना दिए, जिसमें 20 से 22 कठिन नियम लागू करवाए गए। इन नियमों के मुताबिक छात्राओं को व्हाइट और स्कीन रंग के अंतर्वस्त्र पहनने होंगे। दूसरा कोई भी रंग स्वीकार नहीं होंगे। उनकी स्कर्ट की लंबाई घुटनों तक ही होनी चाहिए और वह प्रबंधन द्वारा अधिकृत टेलर से ही कपड़े सिलवाने होगे। छात्राएं किसी भी तरह का मेकअप नहीं करेंगी और छात्र-छात्रा कोई टैटू नहीं बनवाएंगे। बाल एकदम छोटे रहेंगे। इतना ही नहीं स्कूल में पानी पीने और टॉयलेट जाने के लिए भी समय निश्चित किया गया। अब इसे लेकर अभिभावकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।












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