35 मिनट में जीत ली दुनिया, UN में मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी पहली अमेरिकी यात्रा पर गए नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को पहली बार संबोधित किया। मोदी ने अपने भाषण में कई अहम मुद्दों को उठाया तो अपने अंजाद में कई देशों पर हमला भी किया। मोदी को सुनने के लिए अमेरिका में बसे भारतीयवंशी दूर-दूर के इलाकों से न्यूयॉर्क आए हुए हैं और यूएन की विजिटर्स गैलरी खचाखच भरी हुई थी। आपको हम संयुक्त राष्ट्र के महासभा में मोदी के भाषण के 10 अहम मुद्दो के बारे बता रहे हैं।

बम के साथ बातचीत नहीं
सयुंक्त राष्ट्र महासभा में मोदी ने पाकिस्तान पर आंतकवाद को पनाह देने का आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकवाद के साथ बातचीत नहीं हो सकती। मोदी ने कहा कि पाक को बातचीत के लिए बेहतर माहौल बनाना होगा।

माहौल बनाए पाक
मोदी ने पाक पर हमला करते हुए कहा कि हमारा भविष्य हमारे पड़ोस से जुड़ा हुआ है, मैं पाकिस्तान से मित्रता और सहयोग बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय वार्ता करना चाहता हूं। पाकिस्तान का भी दायित्व है कि द्विपक्षीय वार्ता के लिए गंभीर हो।

UN पर भी उठाया सवाल
मोदी ने पाक पीएम नवाज शरीफ द्वारा कश्मीर मुद्दे पर जनमत संग्रह की मांग पर तीखा जवाब देते हुए दुनिया के सामने मिशाल रख दी। उनहोंने कहा कि कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए यह मंच सही नहीं हैं। पाकिस्तान को नसीहत देते हुए मोदी ने कहा कि बेहतर होता वह कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों पर ध्यान दे।

आंतक पर नजरिया अलग-अलग
पिछले चार दशक से आतंकवाद से जूझना जारी है, युद्ध भले न हों, लेकिन दुनिया में शांति का अभाव है। आतंकवाद का प्रश्न गंभीर, कई देश से आतंकवाद को प्रश्रय दे रहे हैं। आतंकवाद नए रूपों में सामने आ रहा है।

समंदर-स्पेस-साइबर को जोड़ने की जरुरत
मोदी ने कहा कि विश्व को समंदर, स्पेस और साइबर को जोड़ने की जरुरत है। मोदी ने कहा कि आउटर स्पेस और साइबर स्पेस में शांति, स्थिरता सुनिश्चित करनी होगी।

आतंक पर सबसे ज्यादा जोड़
मोदी ने अपने भाषण में सबसे ज्यादा जोड़ आतंकवाद पर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले चार दशक से आतंकवाद से जूझना जारी है, युद्ध भले न हों, लेकिन दुनिया में शांति का अभाव है। आतंकवाद का प्रश्न गंभीर, कई देश से आतंकवाद को प्रश्रय दे रहे हैं। आतंकवाद नए रूपों में सामने आ रहा है।

मोदी का लोह
मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में जी-वन से जी-ऑल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा का संयुक्त सुरक्षा परिषद में सुधार बेहद ज़रूरी। कोई भी एक देश या कुछ देशों का समूह भविष्य तय नहीं कर सकता। वैश्विक विकास के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा।

योग शरीर की जरुरत
मोदी ने संयुक्त रष्ट्र में अपने भाषण के दौरान योग की भी बात की। भारत की प्राचीन कला की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि योग शरीर की जरुरत है। मोदी ने कहा कि हमें अपनी जीवनशैली बदलने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को शुरू करने की दिशा में काम करें।

बिजली का उठाया मुद्दा
मोदी ने कहा कि करोड़ों लोगों के पास बिजली और साफ पानी जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं। हम सभी को एक-दूसरे के हितों-चिंताओं का ध्याान रखना होगा।

मोदी का अलग अंजाद
मोदी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि अगले साल हम 70 के होंगे, यह हमारे लिए एक अवसर है। आइए, 2015 को विश्व को नया मोड़ देने वाले साल के रूप में मनाएं।












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