खुलकर सामने आया कांग्रेस-TMC का टकराव! सोनिया गांधी की मीटिंग में ममता की पार्टी को न्योता नहीं
नई दिल्ली, दिसंबर 14। संसद के शीतकालीन सत्र के आगाज के साथ ही कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों के 12 विपक्षी सांसदों के निलंबन से विपक्षी एकता को बहुत बड़ा झटका लगा था। कांग्रेस पार्टी उन सांसदों के निलंबन को रद्द कराने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। मंगलवार को एक तरफ राहुल गांधी विजय चौक से संसद तक निकाले गए विरोध मार्च में शामिल हुए थे तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार शाम को विपक्षी दलों की एक अहम मीटिंग बुलाई। इस मीटिंग में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

कौन-कौन शामिल था मीटिंग में
इस बैठक में कांग्रेस के अलावा 5 अन्य विपक्षी पार्टियों के नेता शामिल थे, जिसमें एनसीपी के शरद पवार, शिवसेना के संजय राउत, डीएमके के टीआर बालू, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और सीपीएम के सीताराम येचुरी का नाम शामिल है। इसके अलावा मीटिंग में राहुल गांधी भी शामिल थे। हैरानी वाली बात ये है कि इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस को आमंत्रित नहीं किया गया। पिछले कुछ समय से टीएमसी और कांग्रेस के बीच टकराव खुलकर सामने नहीं आया था, लेकिन इस बैठक में टीएमसी के शामिल नहीं होने से ये टकराव सामने भी आ गया है।
मीटिंग में शरद पवार को दी गई अहम जिम्मेदारी
NDTV की खबर के मुताबिक, इस मीटिंग में शरद पवार से कहा गया है कि वो सीनियर लीडर होने के नाते राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से बात करें ताकि इस मुद्दे पर आगे का रास्ता निकाला जा सके। आपको बता दें कि वेंकैया नायडू ने पहले सदन को सुचारू रूप से चलाने की जरूरत का जिक्र किया था और कहा था कि फिर इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
क्यों सस्पेंड हुए थे 12 सांसद
बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत के वक्त सरकार और विपक्ष के बीच हुए टकराव के कारण 12 सांसद सस्पेंड कर दिए गए थे। इन 12 सांसदों के निलंबन से विपक्ष सदन में कमजोर पड़ गया है, इसीलिए लगातार इन सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग की जा रही है। इसके लिए बैठकों का दौर चल रहा है।












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