आंध्र में रंग लाएगा TDP-JSP गठबंधन, नेल्लोर सीट है अहम
आंध्र प्रदेश में टीडीपी और जेएसपी के बीच नेल्लोर जिले में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। टीडीपी यहां पर वापसी करना चाहती है, पार्टी के कई नेता यहां से टिकट की आस लगाए हैं, इन नेताओं ने जमीन पर अपनी तैयारी पहले ही शुरू कर दी थी।
एक तरफ जहां टीडीपी इस सीट पर समझौता करके सत्तारूढ़ वाईएसआरसी को हराने की कोशिश कर रही है तो दूसरी तरफ पार्टी के नेता इस समझौते के लिए तैयार नजर नहीं आ रहे हैं।

टीडीपी को बड़ी मदद यह मिली है कि वाईएसआरसी के ड्डी निष्कासित विधायक अनम रामनारायण रेड्डी, कोटमरेड्डी श्रीधर रेड्डी, मेकापटी चंद्रशेखर पार्टी में शामिल हो गए हैं।
ये नेता अपने विधानसभा क्षेत्र में टीडीपी को मजबूती देने का काम करेंगे। माना जा रहा है कि इन नेतओं को पहले ही आश्वासन मिल चुका है कि टीडीपी की ओर से उन्हें टिकट दिया जाएगा। नेल्लोर की राजनीति में रेड्डी समुदाया का वर्चस्व है। पिछले दो दशक से रेड्डी समुदाय का यहां दबदबा है।
हालांकि आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) मामले में पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी ने नेल्लोर की राजनीति की दिलचस्प बना दिया है। पहले इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। 1983 में टीडीपी की स्थापना के बाद, कांग्रेस ने धीरे-धीरे जिले पर अपनी पकड़ खो दी है।
पिछले कुछ वर्षों में कांग्रेस का वोट बैंक वाईएसआरसी की ओर मुड़ गया है। 2014 के विधानसभा चुनावों में, वाईएसआरसी ने 10 में से आठ निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की। पिछले चुनाव में इसने जिले की सभी 10 विधानसभा सीटों और दो लोकसभा क्षेत्रों में जीत हासिल कर क्लीन स्वीप किया था। अब टीडीपी जमीनी स्तर पर अपना आधार मजबूत करके जिले में अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पाने का प्रयास कर रही है।












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