चॉपर क्रैश: DNA जांच से बाकी बचे चार शवों की हुई पहचान, कल परिजनों को सौंपेगी सेना
नई दिल्ली, 11 दिसंबर: तमिलनाडु के कुन्नूर के नजदीक भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत चार और लोगों के शवों की पहचान हो गई है। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया गया है। जिसके आधार पर इन शवों की पहचान हुई है। बीते बुधवार को सेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था इसमें सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि एक पायलट गंभीर रूप से घायल हुए थे।

बताया जा रहा है कि डीएनए टेस्ट से लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, हवलदार सतपाल राय, एनके गुरसेवक सिंह और एनके जितेंद्र कुमार की पहचान हो गई है और परिवार के करीबी सदस्यों को रविवार सुबह पार्थिव शरीर सौंपा जाएगा। पार्थिव शरीर को उचित सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए हवाई मार्ग से ले जाया जाएगा। इसके बाद उनके पैतृक आवास पर सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा।
प्रस्थान से पहले रविवार को बेस अस्पताल दिल्ली कैंट में पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह का अंतिम संस्कार कल बरार स्क्वायर में होने की संभावना है। वहीं एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए लांस नायक बी. साई तेजा का पार्थिव शरीर शनिवार को बेंगलुरु केयेलहंका एयर बेस पहुंचा।उनका पार्थिव शरीर एक विशेष विमान में लाया गया है, जिसे उनके परिवार को सौंपा जाएगा।
जूनियर वारंट अधिकारी (जेडब्ल्यूओ) ए. प्रदीप, विंग कमांडर पी. एस. चौहान, जेडब्ल्यूओ राणा प्रताप दास, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह और लांस नायक विवेक कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया जबकि लांस नायक बी. साई तेजा का अंतिम संस्कार रविवार को होगा। जूनियर वारंट आफिसर राणा प्रताप दास का अंतिम संस्कार शनिवार को ओडिशा के अंगुल जिले में उनके पैतृक गांव कृष्णाचंद्रपुर में कर दिया गया। दास का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया जहां उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया गया।
जूनियर वारंट अधिकारी (जेडब्ल्यूओ) ए. प्रदीप का केरल के त्रिशूर जिले स्थित उनके पैतृक गांव में शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक उनके पार्थिव शरीर को पूर्वाह्न करीब 11 बजे दिल्ली से तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित सलूर वायुसेना हवाई अड्डा लाया गया और फिर वहां से सड़क मार्ग से केरल स्थित उनके गांव पहुंचाया गया। शहीद सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सड़क किनारे हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।












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