#MeToo: महिलाओं ने सुनाई यौन उत्‍पीड़न की खौफनाक दास्‍तां, जब मंदिर में भी दरिंदों ने किया 'बैड टच'

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नई दिल्‍ली। हॉलीवुड में मूवी मुगल के नाम से प्रसिद्ध फिल्‍म प्रोड्यूसर हार्वे वेनस्‍टेन पर कई मॉडल्‍स और एक्‍ट्रेसेज ने यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाया है। इस सनसनीखेज आरोपों के बाद महिलाओ के साथ होने वाले यौन उत्‍पीड़न के मामले में पूरी दुनिया में बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर #MeToo नाम से एक अभियान चलाया जा रहा है जिसका मकसद है वो महिलाएं अपनी बात इस हैशटैग के साथ शेयर करें जिनके साथ कभी न कभी इस तरह की घटना हुई हो। #MeToo टि्वटर पर ट्रेंडिंग है। इससे अब तक 30 हजार महिलाएं जुड़ चुकी हैं। अब बात अगर भारत की करें तो यहां हर 5 मिनट में एक महिला छेड़खानी की शिकार होती है। उन्‍हीं में से कुछ महिलाओं ने भी अपने साथ घटी घटनाओं को साझा किया है। महिलाओं ने बताया कि कैसे वे मंदिर जैसी पवित्र जगहों और अपने घरों में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। तो आइए आपको बताते हैं उन्‍हीं कुछ महिलाओं की दर्दनाक कहानी- 

तिरुपति मंदिर में किसी ने मेरे पिछले अंग पर हाथ फेरा

तिरुपति मंदिर में किसी ने मेरे पिछले अंग पर हाथ फेरा

चंदना भौमिक लिखती हैं, मैं दस कजिन जो कि लड़के हैं उनके साथ बड़ी हुई हूं। हमेशा हमारे साथ एक जैसा बर्ताव किया जाता था। सच बोलूं तो सबसे पहले इसका अहसास मुझे पांच साल की उम्र में हुआ था और एक लड़की होने के नाते में पहली बार डरी थी, जब मेरे एक रिश्तेदार ने गलत तरीके से मेरे सीने पर हाथ फेरा था। जब मैं टीनेज थी तब तिरुपति मंदिर में किसी ने मेरे पीछे के अंग पर अपना हाथ टटोला जबकि मैंने उस समय पूरे कपड़े पहने हुए थे।

ऑफिस में बॉस ने बेड शेयर करने की बात कही

ऑफिस में बॉस ने बेड शेयर करने की बात कही

इसके बाद जब मैंने इंटर्नशिप करना शुरु किया तो मेरे मार्केटिंग हेड ने मुझसे मेरा शरीर साझा करने की बात कही ताकि वो अपनी क्रिएटीविटी से मुझे प्ररेणा दे सके। पूर्व पति ने मेरे साथ रेप किया था। ऑफिस में मेरे साथ काम करने वाले मुझे गंदे-गंदे मैसेज भेजते थे। जब मैंने इन सबका विरोध करना शुरु किया तो मुझे फेमिनिस्ट और न जाने क्या-क्या कहा गया।

एक शख्‍स मुझे घुटने से टच किया

एक शख्‍स मुझे घुटने से टच किया

रेवती गणेश लिखती हैं, यह तब शुरु हुआ जब मैं 13 साल की थी, इसका एहसास मुझे तब हुआ जब मैंने देखा की एक व्यक्ति मुझे घुटने से छू रहा है और जब मैं घर पहुंची तो मैंने इसके बारे में सोचा। पिछले दो सालों से मेरे साथ ऐसी कोई घटना नहीं घटी है क्योंकि मैं दो सालों से भारत में नहीं रह रही हूं। यह दुखद है लेकिन सच है। ऐसा करने वालों पर चिल्लाओ, उनसे लड़ो, अपराधियों को शर्मिंदा करो।

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English summary
Women across Twitter and other social media platforms are sharing their experiences of sexual assault and harassment using the hashtag #MeToo.

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