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मौत से पहले आखिर क्या थी 'निर्भया' की आखिरी इच्छा, पढ़िए...

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नई दिल्ली। निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए सभी चारों आरोपियों के फांसी की सजा को बरकरार रखा है। सर्वोच्च अदालत के इस फैसले में 'निर्भया' का वो बयान भी अहम सबूत साबित हुआ जो उसने मरने से पहले दिया था। 'निर्भया' ने इसमें बताया था कि आखिर वो उन आरोपियों के साथ कैसा सलूक करना चाहती थी।

निर्भया के चारों आरोपियों की फांसी सजा सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी

16 दिसंबर 2012 में देश की राजधानी दिल्ली में निर्भया के साथ बहुत ही विभत्स तरीके से रेप किया गया, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई। निर्भया के साथ दक्षिणी दिल्ली में चलती बस में रात करीब 9 बजे से 9.15 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया गया। दिल्ली पुलिस ने निर्भया मामले की पूरी फाइल तैयार की, इसमें निर्भया का आखिरी बयान भी शामिल था। कोर्ट ने इस फाइल और निर्भया के बयान को आधार बनाते हुए फैसला सुनाया। पुलिस ने बताया है कि आखिर निर्भया ने मरने से पहले क्या कहा था...पढ़िए आगे...

पढ़िए...निर्भया का आखिरी बयान

पढ़िए...निर्भया का आखिरी बयान

तुम्हारा नाम क्या है? आपके पिता का नाम और पता क्या है?

ये हिस्सा पाठकों के लिए खाली रखा गया है।

तुम नौकरी करती हो या पढ़ाई?

मैंने फिजियोथेरेपी में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।

आखिर ये घटना कब हुई?

16 दिसंबर, 2012 में रात 9 बजे से 9.15 के बीच ये घटना हुई।

पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है पूरा बयान

पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है पूरा बयान

तुम उस दिन कहां गई थी?

मैं अपने दोस्त के साथ फिल्म 'लाइफ ऑफ पाइ' देखने सेलेक्ट सिटी वॉक मॉल गई थी। इसके बाद हमने मुनिरका के लिए एक ऑटो रिक्शा लिया।

फिर उसके बाद क्या हुआ?

मुझे द्वारका सेक्टर जाना था। मैंने और मेरे दोस्त ने 10 रुपये किराया दिया। हम एक सफेद बस में सवार हो गए।

उस समय बस में कितने लोग थे?

उस बस में करीब 6 से 7 लोग थे।

आखिर क्या हुआ था 16 दिसंबर, 2012 की उस रात?

आखिर क्या हुआ था 16 दिसंबर, 2012 की उस रात?

फिर बस में क्या हुआ था?

जब बस मलय मंदिर पहुंची, कंडक्टर ने बस का दरवाजा बंद कर दिया और बस की लाइट भी बुझा दी गई। उन्होंने मेरे दोस्त के साथ मार-पीट की। वे मुझे बस की पिछली सीट पर ले गए और मेरे साथ बलात्कार किया। उन्होंने मेरे दोस्त का पर्स भी छीन लिया।

क्या बस कहीं रुकी थी?

नहीं।

क्या तुमने मदद के लिए आवाज लगाई थी?

उन्होंने हमारे मोबाइल फोन्स छीन लिए थे, इसलिए हम मदद के लिए फोन नहीं कर सके। हमारे चिल्लाने की आवाज कोई भी नहीं सुन सका।

निर्भया की इच्छा, आरोपियों को जिंदा जलाने की थी

निर्भया की इच्छा, आरोपियों को जिंदा जलाने की थी

क्या ये लोग कोई नाम भी ले रहे थे?

वे कई नाम चिल्ला रहे थे जैसे- राम सिंह, ठाकुर, मुकेश, राजू, पवन, विनय। वहां बहुत अंधेरा था इसलिए सभी एक जैसे ही लग रहे थे।

क्या तुम उस समय होश में थी?

मैं उस समय जग रही थी और पूरे होश में थी, हालांकि बाद में बेहोश हो गई। वे लगातार मुझे पैर और मुक्के से मार रहे थे।

उसके बाद क्या हुआ?

उसके बाद हमें बस से नीचे फेंक दिया गया।

इन लोगों के साथ तुम कैसा सलूक करना चाहोगी?

उन्हें या तो फांसी पर लटका देना चाहूंगी या फिर जिंदा जला देना चाहूंगी। ये बयान मजिस्ट्रेट के सामने बिना किसी दबाव के दिया गया है।

इसे भी पढ़ें:- निर्भया केस में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, पढ़िए 12 बड़ी बातें...

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English summary
They should be burnt alive: Read Nirbhaya dying declaration.
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