गुजरात चुनाव: किन दिग्गजों पर है बीजेपी का पूरा दारोमदार
नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस की पूरी रणनीति को अंजाम देने में कौन-कौन प्रमुख नेता जुटे हुए हैं। इन प्रमुख नेताओं पर ही पूरा दारोमदार है जिनकी अगुवाई में ये चुनाव लड़ा जा रहा है। बीजेपी की ओर से गुजरात में कौन कमान संभाले है, उनकी क्या भूमिका है, ये जानना जरूरी है।
1-नरेंद्र मोदी-गुजरात में एक जमाना था, जब पार्टी के मजबूत स्तंभ में सबसे पहला नाम केशुभाई पटेल का आता था लेकिन अब नरेंद्र मोदी हैं। गुजरात में दंगों के बाद एक वक्त ऐसा आया जब मोदी की नैया डगमगाती नजर आयी लेकिन उसके बाद उन्होंने जिस तरह सरकार चलाई और संगठन को मजबूती दी, वो सभी को मालूम है। पार्टी में गुजरात की राजनीतिक समझ उनसे बेहतर कोई नहीं जानता। जाहिर है कि मोदी के लिए ये राज्य अहम है और पूरी प्लानिंग उनकी अगुवाई में ही तैयार हो रही है।

अमित शाह
मोदी के साथ अमित शाह गुजरात से ही कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए हैं और पिछले लोकसभा चुनाव से लेकर यूपी चुनाव तक उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझबूझ का लोहा पार्टी के भीतर ही नहीं बाहर भी मनवाया है। कड़े और चौंकाने वाले फैसलों के लिए जाने जाते हैं और पार्टी में चाणक्य की भूमिका में है। गुजरात में इनके राजनीतिक कौशल की अग्निपरीक्षा है। ऐसे में अमित शाह जानते हैं कि थोड़ी सी चूक राजनीतिक भविष्य के लिए खतरा बन सकती है। अमित शाह दूसरे प्रदेशों में पार्टी का परचम लहरा चुके हैं तो गुजरात चुनाव में उन्हें अपनी और विरोधियों की ताकत और कमजोरी समझने में कोई दिक्कत नहीं आने वाली है।

विजय रूपाणी
राज्य की बागडोर संभाल रहे रुपाणी तीसरी कड़ी है जिन पर बड़ी जिम्मेदारी है। मोदी और अमित शाह की रणनीति को अमल में लाने के साथ ही सरकार की एंटी इनकम्बेंसी दूर करने का दारोमदार है।

आनंदी बेन पटेल
मोदी की भरोसेमंद हैं। पटेल समाज से हैं लेकिन बढ़ती उम्र और कड़े फैसले लेने से बचने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। पटेल समाज को साथ लाने की जिम्मेदारी तो है ही, अनुभवी नेता होने के साथ ही महिला वर्ग के वोट बैंक को पार्टी से जोड़े रखने में उनका अहम रोल है।
नितिन पटेल- पार्टी में पाटीदार समाज के सबसे प्रमुख प्रतिनिधि हैं। उद्योगपति वर्ग से हैं और वरिष्ठ भी। इस चुनाव में नितिन पटेल खास फोकस में हैं। एक तो पाटीदार समाज नाराज है दूसरे जीएसटी को लेकर व्यापारी गुस्से में हैं। नितिन पटेल को पार्टी की ओर से इन दोनों चुनौतियों से निपटना है।

इन प्रमुख नेताओं की भूमिका
इन पांच प्रमुख नेताओं के बाद जिन प्रमुख नेताओं की भूमिका है उनमें प्रदेश अध्यक्ष जीतू बाघाणी, चुनाव प्रभारी अरुण जेटली, पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख मंडविया शामिल हैं। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी गुजरात चुनाव में पार्टी के अभियान में जुटे हुए हैं। यही नहीं राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन और संयुक्त संगठन मंत्री वी.सतीश संगठन स्तर पर गुजरात में दिन रात एक कर रहे हैं। दूसरे राज्यों से भी प्रमुख नेताओं को पार्टी की ओर से चुनाव में क्षेत्र वार जिम्मेदारी दी गई है। इनमें मध्यप्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी शुमार हैं। जिन्हें सौराष्ट्र में पार्टी को जिताने के लिए काम करना है जबकि नरेंद्र सिंह तोमर के जिम्मे मध्य गुजरात है। ये तो वो नेता हैं जो पूरे चुनाव अभियान से जुड़े हुए हैं। इनके अलावा बीजेपी के करीब 50 स्टार प्रचारक धुआंधार कैंपेन चलाने के लिए उतरेंगे। इनमें मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के अलावा दूसरे राज्यों के प्रमुख चेहरे शामिल हैं। इनके कार्यक्रम क्षेत्र में उनकी अहमियत के हिसाब से तय किए जा रहे हैं। इसके लिए अलग स्तर पर पार्टी मंथन में जुटी हुई है।












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