जानें रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले कुछ बेहद जरूरी कानूनी प्रावधान

नई दिल्ली। लोग कानून को एक बेहद पेचिदा मामला मानते हैं और इसकी जानकारी लेने से हिचकते भी हैं लेकिन कई ऐसे कानूनी प्रावधान हैं जिनके बारे में हमे पता होना चाहिए और ये हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में बहुत काम आ सकते हैं। हम यहां कुछ ऐसे ही कानूनी प्रावधानों की बात कर रहे हैं जिन्हें आप पढ़ेंगे तो इसके जरिए दूसरों की भी मदद कर पांएगे।

legal rights

1. देश के अंदर एयर इंडिया में हवाई यात्रा पर वरिष्ठ नागरिक को आने-जाने का टिकट खरीदने पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। कुछ एक प्राइवेट एयरलाइंस भी मूल किराये पर 8 प्रतिशत की छूट देती हैं।

2. वरिष्ठ पुरुष नागरिक को रेल यात्रा भाड़ा में 40 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है और महिलाएं जिनकी उम्र 58 साल या उससे उपर है उन्हें किराये में 50 प्रतिशत की छूट है।

3. भारत सरकार द्वारा बनायी गई तोषण निधि योजना, 1989 के तहत अगर वाहन से कोई दुर्घटना हो जाती है और उसका विवरण पता न हो और किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके आश्रितों को 25 हजार रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 12,500 रू मुआवजे के तौर पर देने की व्यवस्था है। आश्रितों द्वारा दुर्घटना के 6 माहीने के भीतर प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किये जै सकते हैं।

4. पति-पत्नी के बीच अगर विवाद हो जाए तो पति, पत्नी को घर से बेदखल नहीं कर सकता है। ऐसा होने पर पत्नी घरेलू हिंसा कानून के तहत मजिस्ट्रेट कोर्ट में आवेदन देकर तुरंत राहत ले सकती है।

5.तलाक होने के बाद 7 साल तक के बच्चे पर मां का ही कानूनी अधिकार होता है। उसके बाद अदालत द्वारा बच्चे के हित देखते हुए कोई और रहात दी जा सकती है।

6. बालिग हिंदू महिला-पुरूष के वैध विवाह के लिए अग्नि के समक्ष मंत्रोच्चार और सात फेरे जरूरी है, किसी मंदिर में एक दूसरे को माला पहनाने या सिंदूर लगा देने से विवाह वैध नहीं होता है। उसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं होगी।

7. पहली पत्नी के जीते जी दूसरी शादी करना अपराध है। पहली पत्नी, चाहे तो पति के खिलाफ थाने में या सीधे मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज करा सकती है। इस पर पति को सात साल कैद की सजा हो सकती है।

8. पहली पत्नी अगर दूसरी शादी के लिए सहमति भी दे तो भी दूसरी शादी गैर कानूनी ही होगी और ऐसी दूसरी पत्नी का कानूनन अपने पति की संपत्ति में कोई हक नहीं होता है।

9. शासकीय कर्मचारी/अधिकारी शासन के नियम अनुसार एक ही पत्नी रख सकता है।

10. कानूनी तौर पर कोई भी व्यक्ति किसी बालिग को उसकी इच्छा के विरूद्ध कुछ भी करने को मजबूर नहीं कर सकता, यहां तक कि माता-पिता या संरक्षक को भी इस बारे में कोई हक हासिल नहीं है।

11. लड़कियों को भी लड़कों की तरह पिता की संपत्ति में बराबर का कानूनी अधिकार है।

12. सिर्फ एक महिला पुलिस अधिाकारी ही किसी महिला के शरीर की तलाशी ले सकती है।

13. किसी की गिरफ्तारी के वक्त पुलिस को उसे ये बताना जरूरी है कि उसके द्वारा किया गया अपराध जमानती है या गैर जमानती।

14. जिस घर में महिला रह रही हो, वहां से उसे जबरन बाहर नहीं निकाल सकते। मजिस्ट्रेट को आवेदन देने पर मजिस्ट्रेट उस महिला को वापस उस घर में रखने का आदेश दे सकता है।

15. घरेलू हिंसा की शिकार कोई महिला, मजिस्ट्रेट के पास अपनी शिकायत कर सकती है, मजिस्ट्रेट इस पर 3 दिनों में सुनवाई शुरु करेगा और 60 दिनों के भीतर फैसला।

16. थाने में जब आप FIR लिखाते हैं तो आपको रिपोर्ट की एक प्रति पाने का कानूनन हक है।

17. देश में नागरिकों को सूचना का अधिकार हासिल है और इसके तहत वो किसी भी लोक निकाय से अपने काम की सूचना प्राप्त कर सकता है।

18. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून के तहत हर एक गांव के वयस्क को 100 दिनों का रोजगार प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

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