• search

कर्नाटक में बीजेपी के गले की फांस बन रहा है तेलुगू मुद्दा?

By Bbc Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    के चंद्रशेखर राव
    Facebook/KCR
    के चंद्रशेखर राव

    हमारे आंगने में तुम्हारा क्या काम है?

    हाल के दिनों में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री के ई कृष्णामूर्ति के बयान पढ़ रहे किसी भी कर्नाटकवासी के मन में यह सवाल उठ सकता है.

    बीते सप्ताह मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव जनता दल (सेक्यूलर) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मुलाक़ात करने के लिए बेंगलुरू पहुंचे थे. यह मुलाक़ात 2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस विरोधी गठबंधन तैयार करने को लेकर थी.

    इस मुलाक़ात के बाद चंद्रशेखर राव ने जेडीएस के लिए कर्नाटक विधानसभा चुनावों में घूम-घूमकर वोट मांगने का वादा भी कर दिया.

    चंद्रशेखर राव का ये बयान कृष्णामूर्ति की बैंगलुरू में ऐसी ही यात्रा के बाद आया था. कृष्णामूर्ति ने कर्नाटक में रहने वाले तेलुगूभाषी लोगों से बीजेपी के ख़िलाफ़ वोट करने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने आंध्र प्रदेश के लोगों को नीचा दिखाया है.

    कर्नाटक
    Facebook/KCR
    कर्नाटक

    जो लोग तेलुगू और कन्नड़ भाषी लोगों के बीच आपसी रिश्ते को नहीं समझते हैं उनके लिए ये हैरान करने वाला हो सकता है. लेकिन कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों के लिए ऐसा नहीं है.

    तेलुगू भाषी लोग भी उतने ही कन्नड़ है जितने की कन्नड़भाषी. और ये कोई हाल के दिनों का बात नहीं है. इतिहासकारों के मुताबिक जब 481 साल पहले स्थानीय नेता केंपे गौड़ा ने बैंगलुरू की स्थापना की थी तब भी यहां कन्नड़, तमिल और तेलुगू भाषी लोग इसी तरह मिलजुल कर रह रहे थे जिस तरह आज रह रहे हैं.

    लेकिन राजनीतिक दलों के निशाने पर तेलुगू भाषी लोगों का वो तबका है जो हाल के दशकों में कर्नाटक आया है. और जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा से लगने वाले कर्नाटक के ज़िलों में रह रहे हैं.



    बीजेपी के ख़िलाफ़ गुस्सा

    बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें उत्तर कर्नाटक के बिदर, कलबुर्गी, कोप्पल, रायचूर और बेल्लारी ज़िलों और दक्षिण कर्नाटक के तुमकुर और कोलार ज़िलों के साथ-साथ बेंगलुरू के लेबर कैंपों में उन्हें उम्मीदें नज़र आ रही हैं.

    राजनीतिक रूप से प्रभावशाली कामा समुदाय के बेल्लारी के एक नेता ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बीबीसी से बात की. तेलंगाना के मुख्यमंत्री एन चंद्रशेखर राव भी इसी समुदाय से हैं.

    इस कामा नेता ने कहा, "हां, हैदराबाद-कर्नाटक ज़िलों के लेबर कैंपों में रह रहे लोगों में भाजपा के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है. ये आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा न देने के बाद से हो रहा है. ये स्पष्ट नहीं है कि ये समुदाय कांग्रेस के समर्थन में मतदान करेगा लेकिन उनमें बीजेपी के प्रति गुस्सा साफ़ नज़र आ रहा है."



    रायचूर के एक अन्य नेता ने कहा, "ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पूरा मुद्दा नहीं पता है. लेकिन उन्हें पता है कि उनके गृह राज्य के साथ ग़लत हुआ है और बीजेपी ने अपना वादा पूरा नहीं किया है."

    यही नहीं शहरी क्षेत्र में तेलुगू भाषी लोगों के बीच चल रही बहस सोशल मीडिया पर नज़र आ रही है.

    कर्नाटक
    facebook/AmitShah
    कर्नाटक

    तेलुगू एसोसिएशन बेंगलुरू के उपाध्यक्ष मधु सुदन चडालावाडा कहत हैं, "अधिकतर लोग ये मान रहे हैं कि आंध्र प्रदेश के साथ न्याय नहीं हुआ है. अभी किसी पार्टी के समर्थन में बात नहीं हो रही है लेकिन ये स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि हम बीजेपी के ख़िलाफ़ वोट करेंगे."

    लेकिन इसी बीच तेंलगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, तेलंगाना राष्ट्र समिति और तेलंगाना कांग्रेस के बीच नए मैदान में चल रहे इस युद्ध में और आग में घी डालने का काम किया है.

    तेलंगाना कांग्रेस के प्रवक्ता डी श्रवण कुमार कहते हैं, "मुख्यमंत्री का कर्नाटक जाकर चुनाव करना बेवफूकाना है. वो तेलंगना में नाकाम होने के बाद बस लोगों को पागल बनाने की ही कोशिश कर रहे हैं. वो जहां-जहां जाएंगे हम उनका पीछा करेंगे और कर्नाटक के लोगों को उनका असली चेहरा दिखाएंगे."

    हालांकि आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी तेलुगूदेसम पार्टी ने अभी ये फ़ैसला नहीं किया है कि उसके नेता कर्नाटक चुनावों में प्रचार करेंगे या नहीं.

    टीडीपी के एक प्रवक्ता ने कहा, "हमें अभी ये फ़ैसला लेना है कि कौन-कौन प्रचार करेगा. लेकिन निश्चित रूप से हमारा संदेश तो पहुंच ही रहा है."

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    BBC Hindi
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    The Telugu issue is becoming the thunderbolt of BJP in Karnataka

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X