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पंचतत्‍व में विलीन हुए पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी, बेटेअभिजीत ने दी अंतिम विदाई

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नई दिल्‍ली। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अंतिम संस्कार मंगलवार की दोपहर किया गया। प्रणव मुखर्जी को अंतिम विदाई उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने लोधी श्मशान घाट में दी।

    Pranab Mukherjee Demise Funeral: राजकीय सम्मान के साथ प्रणब मुखर्जी का अंतिम संस्कार| वनइंडिया हिंदी
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    बता दें बीते दिनों प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। जिसकी जानकारी उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने स्‍वयं दी थी। यही कारण था कि प्रणब मुखर्जी का अंतिम संस्‍कार बड़े ही सादगी पूर्ण रुप से किया गया। प्रणब दा को अंतिम विदाई देने उनके बेटे अभिजीत आए इसके अलावा प्रणब मुखर्जी के बहुत करीबी ही अंतिम विदाई देने पहुंचे। लोधी गार्ड में बेटे अभिजीत मुखर्जी ने नम आंखों से पिता के सारे अंतिम संस्कार किए। प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव थे, इसलिए उनके अंतिम संस्कार में एसओपी का पालन किया गया और उनके पार्थिव शरीर को गन कैरिज की जगह वैन में रखकर श्मशान घाट लाया गया। वहीं मौके पर मौजूद टीम ने पीपीटी किट पहनकर पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अंतिम संस्‍कार किया।

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    बता दें हाल ही में उनकी ब्रेन सर्जरी हुई थी जिसके बाद वो कोमा में चले गए थे, सोमवा की सुबह ही डॉक्टरों ने कहा था कि प्रणव मुखर्जी कि स्थिति गंभीर हो गई है। देश के लोकप्रिय नेताओं में शामिल रहे प्रणव मुखर्जी का बेहद लंबा राजनीतिक जीवन रहा है।

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    प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्‍चिम बंगाल में हुआ था। बचपन में प्रणब दा को सब प्‍यार से पोलटू बुलाया करते थे। प्रणब दा ने बीरभूम के सूरी विद्यासागर कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। प्रणब मुखर्जी ने कोलकाता यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में एमए और एलएलबी की डिग्री ली। करियर के शुरुआती दौर में मुखर्जी कोलकाता के डिप्टी अकाउंटेंट जनरल के ऑफिस में क्लर्क हुआ करते थे इसलिए उन्हें लोग बड़े बाबू बुलाया करते थे। इसके बाद वह 1963 में विद्यानगर कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर भी रहे। कुछ समय तक प्रणब मुखर्जी ने पत्रकारिता भी की।

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    Pranab Mukherjee: जब तीन बार हाथ से निकला देश का प्रधानमंत्री बनने का मौकाPranab Mukherjee: जब तीन बार हाथ से निकला देश का प्रधानमंत्री बनने का मौका

    English summary
    The last rites of former President Pranab Mukherjee being performed at Lodhi crematorium
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