पुलवामा: '26 जनवरी के कार्यक्रम में गई तो गोली मार देंगे'
भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें एक स्कूल के प्रिंसिपल को छात्राओं को गणतंत्र-दिवस के कार्यक्रम में न भेजने की धमकी दी जा रही है.
यह मामला पुलवामा के गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल का है.
स्कूल के प्रिंसिपल गुलाम मोहिउद्दीन शेख ने वीडियो की पुष्टि करते हुए बताया कि बुधवार की सुबह उनके घर में दो लोग दाखिल हुए और उनसे माफ़ी मांगने को कहा. दोनों कथित बंदूकधारी छात्राओं को गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में भेजे जाने से नाराज़ थे.
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स्कूल से छुट्टी पर गए प्रिंसिपल
प्रिंसिपल शेख के मुताबिक़, "वाक़या सुबह सात बजे का है. मेरे घर में दो नौजवान दाख़िल हुए जो हथियारों से लैस थे. उन्होंने मुझसे कहा कि आप 26 जनवरी की परेड के लिए बच्चियों को तैयार करते हैं लेकिन आपको ऐसा नहीं करना चाहिए. मैंने उनसे कहा कि मैं एक सरकारी कर्मचारी हूं और आदेश पूरा करता हूं. लेकिन वे इस पर राज़ी नहीं हुए और उन्होंने कहा कि आप ऐसा बिल्कुल नहीं करेंगे."
इस घटना के बाद आपने क्या तय किया, इसके जवाब में प्रिंसिपल शेख कहते हैं कि "मैंने अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया है, मैंने फ़िलहाल स्कूल से दो दिन की छुट्टी ली है."
पुलवामा के इस गर्ल्स स्कूल में 1000 से ज़्यादा छात्राएं पढ़ती हैं.
कहां हुई थी पहली गणतंत्र दिवस परेड
'गोली मार देंगे, घर जला देंगे'
दक्षिणी कश्मीर चरमपंथ का गढ़ माना जाता है. बीते साल इस इलाक़े में चरमपंथियों के कई बड़े कमांडर मारे गए थे.
वायरल हुए वीडियो में दोनों कथित बंदूकधारी कश्मीरी भाषा बोलते नज़र आते हैं. वे प्रिंसिपल को आग़ाह कर रहे हैं कि "उनके स्कूल की जो भी लड़की 26 जनवरी के कार्यक्रम में हिस्सा लेगी, उसे गोली मार दी जाएगी और उसका घर जला दिया जाएगा."
इसके बाद दोनों कथित बंदूकधारी प्रिंसिपल शेख से कहते हैं, "वे आम जनता से माफ़ी मांगें और छात्राओं से कहें कि कोई भी लड़की गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में शिरक़त न करे."
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कश्मीर बंद का आह्वान
वीडियो में प्रिंसिपल से यह भी पूछा जाता है कि वे महज़ 40,000 रुपये के लिए ऐसा क्यों करते हैं?
पुलिस ने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली है और पुलवामा के पुलिस अधीक्षक चौधरी असलम ने बताया कि 'वीडियो में दिख रहे लोग चरमपंथी हो सकते हैं'. हालांकि मामले की तफ़्तीश जारी है.
भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादियों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कश्मीर-बंद बुलाया है और जनता से 26 जनवरी को 'काले दिन' के रूप में मनाने के लिए कहा है.
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कड़े सुरक्षा इंतज़ाम
अलगाववादियों ने लोगों से जुमे की नमाज़ के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है.
26 जनवरी के लिए भारत प्रशासित कश्मीर में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं और जगह-जगह गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है.
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