कौन हैं तेलंगाना की नई मंत्री सीताक्का, 14 की उम्र उठा ली थी बंदूक, पति-भाई की एनकाउंटर में हुई थी मौत
Telangana Minister who is Seethakka: तेलंगाना के नए मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के साथ-साथ 11 मंत्रियों ने शपथ ली है। इन सब के बीच एक महिला मंत्री का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है, वो हैं मुलुगु विधायक डी. अनसूया उर्फ सीताक्का। नक्सली से राजनेता बनीं 52 वर्षीय सीताक्का आदिवासी समुदाय से हैं। वह मुलुगु (एसटी-आरक्षित) निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकी हैं। उन्हें अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण मंत्रालय का पोर्टफोलियो आवंटित किए जाने की संभावना है।
सीताक्का पहले एक नक्सली थीं, उन्होंने 14 साल की उम्र ही ही बंदूक उठा ली थी। सीताक्का जनशक्ति नक्सली समूह में 14 साल की उम्र में शामिल हो गई थीं। एक गरीब गोटी कोया आदिवासी परिवार में जन्मी सीताक्का के पिता का नाम सरैया और माता का नाम सारक्का है। जो आंध्र प्रदेश के मुलुगु जिले के जग्गन्नापेटा गांव में रहते थे।

14 की उम्र में नक्सलियों की गिरोह में शामिल हो गई थीं सीताक्का
सीताक्का परिवार में सबसे छोटी बेटी हैं। अपने भाई-बहनों की तरह सीताक्का भी 14 साल की उम्र में नक्सली विचारधारा की ओर आकर्षित हो गई थीं। सीताक्का ने बताया था कि कैसे वह 1980 के दशक की शुरुआत में 'अन्ना' (माओवादियों) से प्रेरित थी और इस क्षेत्र पर उनकी पकड़ थी। विशेषकर दमनकारी जमींदारों से लड़ते समय, उनके युवा प्रभावशाली मन पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा।
सीताक्का ने भी अपने परिवार की तरह अपना जीवन वर्ग और जाति उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने के लिए समर्पित करने का फैसला किया था। उनके बड़े भाई सांबैया भी नक्सली सशस्त्र आंदोलन से जुड़े थे लेकिन 1990 के दशक के अंत में एक कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। सीताक्का के पति की भी मौत एनकाउंटर में हो गई थी।
1980 और 1990 में जंगल में रहकर काम करती थीं सीताक्का
साल 1980 और 1990 की शुरुआत में माओवादी विद्रोही के रूप में सीताक्का जंगल में रहकर काम करती थीं। हालांकि 1994 में एक माफी योजना के तहत माओवादी आंदोलन से अलग होकर सीताक्का ने पुलिस के सामने आत्मसर्पण कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और लॉ की डिग्री ली। लॉ की डिग्री लेने के बाद सीताक्का वारंगल के एक कोर्ट में प्रैक्टिस भी करती थीं। सीताक्का ने पिछले 2022 में उस्मानिया विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी पूरी की थी।
सीताक्का का राजनीतिक सफर
- -सीताक्का राजनीति की शुरुआत में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) में शामिल हो गई थीं। सीताक्का ने पहली बार 2004 मुलुग सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन हार गई थीं।
- - 2009 के विधानसभा चुनाव में सीताक्का ने मुलुग सीट पर फिर से चुनाव लड़ा और जीत गईं। हालांकि 2014 के विधानसभा चुनाव में वह तीसरे नंबर पर रही थीं।
- -सीताक्का साल 2017 में कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। उसके बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में बीआरएस की लहर में भी वह जीत गई थीं।












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