Telangana Election: कामारेड्डी में KCR का क्या होगा? इस वजह से कांग्रेस के रेवंत रेड्डी से आसान नहीं मुकाबला
Telangana Election 2023: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव इस बार अपनी गजवेल सीट के अलावा कामारेड्डी से भी बीआरएस के उम्मीदवार हैं। लेकिन, कांग्रेस ने तेलंगाना में अपने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट में कामारेड्डी से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी को टिकट देकर यहां के मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है।
जहां तक रेवंत रेड्डी की बात है तो वे भी एक और सीट कोडंगल से भी चुनाव लड़ रहे हैं और सोमवार को वहां से पर्चा भी दाखिल कर चुके हैं। वे 2018 में भी इस सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन तब की टीआरएस (बीआरएस) के उम्मीदवार ने उन्हें करीब 9 हजार वोटों से पराजित किया था। बाद में रेवंत लोकसभा चुनाव जीत गए थे।

सीएम केसीआर को चौतरफा घेरने की कांग्रेस है रणनीति!
जहां तक कामारेड्डी से पार्टी की ओर से उन्हें आजमाने की बात है तो इसके पीछे सत्ताधारी बीआरएस के प्रमुख और मुख्यमंत्री केसीआर को यहां पर चौतरफा घेरे रखने की रणनीति के तहत यह कदम उठाया गया लगता है। क्योंकि, अगर 2018 के विधानसभा चुनाव के परिणाम को देखें तो भारत राष्ट्र समिति के लिए कामारेड्डी सीट पर मुख्यमंत्री की बड़ी जीत सुनिश्चित करना आसान नहीं होगा।
कामारेड्डी सीट पर 2018 में सिर्फ 4,557 वोटों से हारी थी कांग्रेस
हालांकि, 2014 और 2018 दोनों ही विधानसभा चुनावों में कामारेड्डी में टीआरएस (अब बीआरएस) जीती थी। लेकिन, 2018 में कांग्रेस की हार का अंतर बहुत ही कम रहा था। तब टीआरएस उम्मीदवार गंपा गोवर्धन को यहां पर 68,167 (42.02%) वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अली शब्बीर सिर्फ 63,610 (39.21%) वोट जुटाकर चुनाव हार गए थे। यानि इस सीट पर केसीआर की पार्टी के उम्मीदवार को सिर्फ 4,557 वोटों से जीत मिली थी।
सीएम केसीआर के लिए जीत का मार्जिन बढ़ाना होगी चुनौती
जाहिर है कि इस बार कामारेड्डी में अगर खुद मुख्यमंत्री बीआरएस के टिकट पर भाग्य आजमा रहे हैं तो कांग्रेस ने भी प्रदेश में अभी के अपने सबसे प्रभावशाली लीडर पर दांव लगाया है। मतलब, इस सीट पर के चंद्रशेखर राव को महज जीतना ही नहीं होगा, बल्कि जीत का मार्जिन भी ज्यादा रखना होगा। रेड्डी को टिकट देने के पीछे कांग्रेस की यही रणनीति लगती है कि वह सीएम को आगे के चुनाव अभियानों में ज्यादा से ज्यादा यहीं पर घेर के रख दे।
रेवंत रेड्डी को सीएम उम्मीदवार के तौर पर पेश करने के संकेत
यही नहीं, एक तरह से सीएम से मुकाबला करवाकर कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अनौपचारिक तौर पर यह भी संदेश देने की कोशिश की है कि रेवंत रेड्डी ही उसके सीएम उम्मीदवार हैं। खुद रेवंत रेड्डी भी एक तरह से खुद को मुख्यमंत्री के दावेदारों के तौर पर पेश करने लगे हैं।
क्योंकि, कोडंगल में अपने पर्चा भरने के दौरान उन्होंने कहा, ' सीएम केसीआर ने कोडंगल से चुनाव लड़ने की मेरी चुनौती पर कोई जवाब नहीं दिया, क्योंकि बीआरएस सरकार ने इस चुनाव क्षेत्र को गजवेल,सिद्दीपेट और सिरसिला की तरह विकसित नहीं किया है।' इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'यहां कांग्रेस की जीत से कोडंगल का नाम गली से दिल्ली तक चला जाएगा। यह चुनाव कोडंगल के लोगों और केसीआर के बीच है और इसमें लोगों के जीवन में बदलाव लाने की क्षमता है।'
कामारेड्डी में ही जारी होगा कांग्रेस के पिछड़े वर्ग वाला घोषणापत्र
रेड्डी 10 नवंबर को कामारेड्डी सीट से नामांकन दाखिल कर सकते हैं। उसी दिन यहीं पर कांग्रेस की एक जनसभा आयोजित की गई है, जहां पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पार्टी की ओर से पिछड़े वर्ग के लिए घोषणापत्र जारी करने वाले हैं।












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