तेलंगाना कांग्रेस सरकार कालेश्वरम की मेडीगड्डा परियोजना की विफलता को लेकर बीआरएस को घेरने की तैयारी में
तेलंगाना में कांग्रेस ने सत्ता संभालने के बाद पूर्व बीआरएस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। कांग्रेस सरकार ने बीआरएस को निशाना साधने के लिए कालेश्वरम की मेडीगड्डा परियोजना की विफलता को हथियार के रूप में प्रयोग करने का मंसूबा बनाया है।

तेलंगाना मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार 20 दिसंबर को विधानसभा की बैठक में मेदिगड्डा (लक्ष्मी) बैराज के निर्माण की कथित खराब क्वालिटी का मामला उठा सकती है।
बता दें मेडीगड्डा बैराज कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना (केएलआईएस) का हिस्सा है जो तेलंगाना की पिछली बीआरएस सरकार के नेतृत्व में शुरू किया गया था। जिसे पूर्व सीएम चंद्रशेखर राव अपनी सरकार की अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनते हैं।
केएलआईएस को पूरी दुनिया में अपनी श्रेणी की परियोजनाओं में सबसे बड़ा माना जाता है। सत्ता संभालने के एक महीने के अंदर ही सीएम रेवंत रेड्डी इस योजना से जुड़े सभी दस्तावेज खंगलवाना शुरू कर चुके हैं। जिसमें इसका निर्माण कैसे किया गया था, सुरक्षा सावधानियों को कैसे नजरअंदाज किया गया था, और इसके खंभों के डूबने के लिए कौन जिम्मेदार होना चाहिए। इन सभी बिंदुओं पर पड़ताल करने में जुट चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को विधान परिषद में घोषणा की कि वह उन परिस्थितियों की उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक जांच का आदेश देना चाहते हैं, जिसके कारण घाट संख्या 20 डूब गया, जिससे अक्टूबर महीने में दोनों तरफ के दो घाट प्रभावित हुए।












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