तेलंगाना: सीएम रेवंत रेड्डी सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार की जल्दी नहीं, जानिए बड़े दावे की वजह
तेलंगाना राज्य गठन के बाद पहली बार राज्य में कांग्रेस की सरकार का गठन हुआ। दावा किया जा रहा है कि सीएम ए रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार के फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना नहीं है। दावा किया जा रहा है कि सरकार इसको लेकर किसी भी प्रकार से जल्दबाजी में नहीं है। उम्मीद जताई जा रहा है कि मुख्यमंत्री रेड्डी अन्य दलों के विधायकों को अपने पक्ष में लाने के लिए मंत्रिमंडल में कुछ सीटें खाली छोड़ सकते हैं।
दक्षिण भारत के राज्य तेलंगाना की कांग्रेस नेतृत्व वाली नई सरकार ने शपथ ग्रहण कर लिया। वहीं दूसरी ओर बीजेपी की ओर से दाना किया जा रहा है कि कांग्रेस सरकार के लंबे समय तक टिके रहने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। केंद्रीय मंत्री और राज्य भाजपा प्रमुख जी किशन रेड्डी ने कहा है कि बहुमत बहुत अधिक नहीं मिला है। ऐसे में सरकार का लंबे समय तक टिके रहना संभव नहीं है। वहीं बीआरएस विधायक कादियाम श्रीहरि ने कहा कि मौजूदा सरकार को गिराने के लिए एक कार्य योजना भी तैयार की गई है।

कांग्रेस के कई विधायकों की बढ़ी उम्मीदें
119 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के केवल 64 सदस्य हैं। ऐसे में दावा कि कांग्रेस सिर्फ इसलिए मंत्रिमंडल का विस्तार रोक सकती है, क्योंकि वो किसी भी तरह से पार्टी के अंदर नेताओं के नाराजगी का रिस्क नहीं लेना चाहती है।
कैबिनेट में शामिल होने की रेस में हैं यें नेता
तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार की कैबिनेट में जगह पाने की दौड़ में बहुत सारे विधायक हैं। दावा किया जा रहा है कुछ नेता ऐसे भी हैं चुनाव में हार गए। जो दिग्गज मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की उम्मीद अधिक है उनमें सबसे प्रमुख हैं कांग्रेस के मुस्लिम चेहरे मोहम्मद अली शब्बीर का नाम आगे है। हालांकि वे निजामाबाद शहरी निर्वाचन क्षेत्र में से चुनाव हार चुके हैं। ये दावा इसलिए किया जा रहा है कि क्यों कि शब्बीर ने रेवंत के लिए अपना गढ़ मानी जाने वाली सीट कामारेड्डी छोड़ दी थी। मोहम्मद अली शब्बीर के नाम मंत्रिमंडल के लिए इसलिए भी आगे माना जा रहा है क्योंकि मौजूदा कांग्रेस में अब कोई मुस्लिम विधायक नहीं है क्योंकि अन्य दो उम्मीदवार, फिरोज खान और मोहम्मद अजहरुद्दीन दोनों ही अपनी- अपनी सीटों नामपल्ली और जुबली हिल्स से चुनाव जीत नहीं पाए। वहीं पी सुदर्शन रेड्डी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। वे निजामाबाद के बोधन से जीते हैं।
जातीय समीकरण
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के वफादार के प्रेमसागर राव भी कैबिनेट पद की दौड़ में हैं। वह मंचेरियल निर्वाचन क्षेत्र से जीते हैं। प्रेमसागर राव कांग्रेस के उतार-चढ़ाव के दौरान वह आदिलाबाद जिले में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे हैं। वो वेलामा जाति से हैं। रेवंत रेड्डी पहले ही इसी जाति के जुपल्ली कृष्ण राव को कैबिनेट में शामिल कर चुके हैं। वहीं आदिलाबाद से विवेक वेंकटस्वामी, जो चेन्नूर से जीते थे, और उनके भाई गद्दाम विनोद, जो बेल्लामपल्ली (मंचेरियल जिले) से चुने गए थे, वे भी कैबिनेट में जगह पाने की उम्मीद कर रहे हैं।












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