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तेलंगाना: चुनाव ड्यूटी में तैनात महिला टीचर की कोरोना से मौत, पति ने कहा- जिंदगी खत्म हो गई, क्यों हुआ ये...

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हैदराबाद, 20 मई: तेलंगाना में एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका संध्या की चुनाव ड्यूटी में तैनात होने के बाद कोरोना वायरस से मौत हो गई है। 35 वर्षीय महिला टीचर संध्या को 17 अप्रैल 2021 को तेलंगाना में नागार्जुनसागर विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनावी ड्यूटी के लिए बुलाया गया था। जिसके बाद शिक्षिका संध्या को 20 अप्रैल को बुखार आया था और कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं। संध्या को कोविड-19 टेस्ट टेस्ट पॉजिटिव आने के एक हफ्ते हैदराबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया था लेकिन 08 मई 2021 को कोरोना से जूझते हुए उनकी मौत हो गई है। संध्या अपने पीछे अपने पति कम्ममपति मोहन राव और उनकी 8 वर्षीय बेटी को छोड़ गई हैं। संध्या की कहानी उन 15 परिवारों की दुखद कहानियों में से एक है, जिनका जीवन राजनीति और चुनावों के बीच उग्र महामारी के कारण बर्बाद हो गया है।

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    coronavirus

    शिक्षिका के पति ने पूछा- आखिर क्यों कराए गए थे चुनाव?

    संध्या के पति मोहन राव का कहना है कि उनका और उनकी बेटी के लिए दुनिया बर्बाद हो गई है। संध्या के पति मोहन राव ने कहा,"सिर्फ मेरी पत्नी नहीं, मेरी जान चली गई है। चुनाव क्यों हुए? सिर्फ एक विधायक के लिए, इतने लोग मारे गए। मेरा परिवार तबाह हो गया। चुनाव तो लॉकडाउन के बाद भी हो सकते थे या सभी का टीकाकरण के बाद भी किया जा सकता था।''

    संध्या अपनी चुनाव ड्यूटी के लिए हलिया गई थीं, जहां तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने दो दिन पहले 14 अप्रैल को एक विशाल जनसभा की थी। इसके बाद, मुख्यमंत्री, टीआरएस पार्टी के उम्मीदवार और सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे।

    शिक्षिका के पति ने लगाए- कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप

    अपनी पत्नी के साथ मतदान केंद्र पहुंचे मोहन राव का आरोप है कि मतदान के दिन बहुत अधिक कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया था। 30 से अधिक मतदान कर्मियों को एक बस में भीड़ लगाकर मतदान केंद्र पर लाया गया था। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक एक छोटे से सरकारी स्कूल की कक्षा में 5 पोलिंग स्टाफ और 4 पोलिंग एजेंट समेत कम से कम 10 लोग बैठे थे।

    शिक्षिका के पति ने आरोप लगाया कि बिना बैटरी वाला खराब थर्मामीटर नर्सों द्वारा लाया गया था, इसलिए किसी के तापमान की जांच नहीं की गई। मतदान के आखिरी घंटे में जब कोविड-19 पॉजिटिव मरीज मतदान करने आए तो मतदान कर्मियों को पीपीई किट नहीं दी गई थी।

    एक छोटी क्लॉस में सोशल डिस्टेंसिंग कैसे होगा?

    शिक्षिका संध्या की ड्यूटी वोटिंग के बाद वोटरों की उंगलियों में स्याही लगाने, पहचान सत्यापित करना और 430 मतदाताओं का चिन्ह प्राप्त करना था। जिसक मतलब है कि वह उनमें से प्रत्येक के सामने कम से कम 1 से 2 मिनट तक रही थी।

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    शिक्षिका के पति ने कहा, वह बार-बार सोशल डिस्टेंसिंग कहती रहती थी लेकिव यह कैसे संभव है, अगर आपको पहचान की जांच करनी है, स्याही लगानी है, 400 लोगों के हस्ताक्षर प्राप्त करना है? प्रत्येक व्यक्ति को 1 से 2 मिनट लगते हैं। यह एक छोटी सी कक्षा है जिसमें कोई वायु वेंटिलेशन नहीं है।

    English summary
    Telangana 35 year old Teacher On election Duty passed away due to Covid 19 Husband Says Lost My Life
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