• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

टीसीएस की मदद से मॉर्डन बनाए गए देश के 1.5 लाख डाकघर, 2013 में मिला था टेंडर

|

नई दिल्ली। देश में सबसे बड़ी आईटी सर्विस देने वाली कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने इंडिया पोस्ट के लगभग 1.5 लाख डाकघरों को नए जमाने की सुविधाएं देकर उन्हें मॉर्डन बनाने में मदद की है। टीसीएस ने इसके लिए एकीकृत समाधान सेवा उपलब्ध कराई है। बता दें कि साल 2013 में कंपनी को पोस्ट डिपार्टमेंट से सूचना प्रौघोगिकी आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए 1100 करोड़ रुपये का टेंडर मिला था।

tcs modernises 1.5 lakh post offices, got tender in 2013

इसका मुख्य उद्देश्य इंडिया पोस्ट को आधुनिक प्रद्योगिकी व प्रणाली से लैस करना था जिससे डाकघर में ग्राहकों को अधिक सुविधाएं और अच्छी सेवाएं दी जा सकें। टीसीएस ने 24,000 डाकघरों में 80,000 'प्वाइंट आफ सेल' (पीओएस) टर्मिनल के जरिये पीओएस समाधान क्रियान्वित साल्यूशन को इंप्लीमेंट किया है।

यह भी पढ़ें- पोस्‍ट ऑफिस ने शुरू की नई सर्विस, 17 करोड़ खाताधारकों को मिलेगा फायदा, जानिए क्‍या है ये

इसके लिए एस वेब पोर्टल भी तैयार किया गया जिससे कि भेजे गए सामान को ट्रैक किया जा सके। वहीं कस्टमर सर्विस के लिए कॉल सेंटर भी बनाएं गए हैं जो अलग अलग भाषाओं में काम करेंगे। अपने एक बयान में टीसीएस ने कहा है कि- इस सब बदलाव के केंद्र में केंद्रीय प्रणाली केा एकीकरण (csi) है। इसमें एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग का उपयोग किया जाना भी शामिल है। यह डाक सेवाओं, लेखा, वित्त और ह्यूमन रिसोर्स सेवाओं को अच्छा बनाता है। इसके अलावा ये कुल 1.5 लाख से अधित डाकघरों को नेटवर्क से जोड़ता है।

जानिए हरियाणा की अंबाला लोकसभा सीट के बारे में विस्तार से

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

lok-sabha-home

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
tcs modernises 1.5 lakh post offices, got tender in 2013
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more