तूतीकोरिन: पिता-पुत्र की हिरासत में हत्या के आरोपी पुलिस अफसरों पर जेल में हमला

नई दिल्ली- तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पिता-पुत्र की हिरासत में हत्या के आरोपी पुलिस अफसरों पर जेल के अंदर कैदियों ने हमला बोल दिया। इसके बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें दूसरे जेल में शिफ्ट कर दिया है। जेल अधिकारियों के मुताबिक कैदी पिता-पुत्र की हत्या की घटना की खबरों को शुरू से फॉलो कर रहे थे और जेल में जैसे ही आरोपी पुलिस वाले उनके हत्थे चढ़ गए, उनपर हमला बोल दिया गया। पुलिस वालों को कैदियों से घिरा देख वार्डन ने किसी तरह उनकी जान बचाई और वहां से सुरक्षित जगह की ओर ले गए। बाद में तय किया गया कि तूतीकोरिन की पेरूरानी जेल में रखना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है, इसलिए उन्हें आनन-फानन में मदुरई जेल भेज दिया गया है।

पिता-पुत्र की हत्या के आरोपी पुलिस अफसरों पर जेल में हमला

पिता-पुत्र की हत्या के आरोपी पुलिस अफसरों पर जेल में हमला

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में 59 साल के पी. जयराज और 31 साल के उनके बेटे बेनिक्स की हिरासत में यातनाएं देकर मारने के आरोपी पुलिस अधिकारियों पर पेरूरानी जेल के कैदियों ने शनिवार को हमला बोल दिया। इन पुलिस अफसरों के खिलाफ पिता-पुत्र को यातना देकर मार डालने के आरोप में सामूहिक प्रतिशोध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपों के मुताबिक पुलिस वालों ने दोनों को सथाकुलम से उठाया था और हिरासत में उनके साथ अमानवीय और बेहद क्रूर व्यवहार किया, जिससे दोनों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद किए गए आरोपी पुलिस अधिकारियों पर शनिवार शाम साढ़े चार बजे उस वक्त हमला किया गया, जब वो जेल के कॉमन एरिया में थे। जेल अधिकारियों के अनुसार उन पुलिस वालों पर तब हमला किया गया, जब वे आपस में बातचीत कर रहे थे। जेल अधिकारियों ने ये भी कहा कि जयराज-बेनिक्स केस के बारे में वो कैदी बहुत ही दिलचस्पी रख रहे थे और उनमें आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ बहुत ज्यादा गुस्सा था। जेल के वार्डन ने किसी तरह से उन पुलिस वालों को कैदियों की गिरफ्त से छुड़ाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए।

आरोपी पुलिस वालों को मदुरई जेल शिफ्ट किया गया

आरोपी पुलिस वालों को मदुरई जेल शिफ्ट किया गया

जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने आरोपी पुलिस वालों को दूसरी जेल में शिफ्ट करने का फैसला किया। उनके सामने पहला विकल्प पलामकोट्टाई जेल था, जो कि एक सेंट्रल जेल है। लेकिन, वहां पहले से ही 1,000 से ज्यादा कैदी हैं, जिसके चलते इन पुलिस वालों को वहां सुरक्षित रख पाना, ज्यादा बड़ी चुनौती साबित हो सकती थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हे मदुरई जेल भेजने का फैसला किया। सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि जिस पेरूरानी जेल में आरोपियों पर हमला किया गया है, वहां कोरोना वायरस की वजह से अभी सिर्फ 80 ही कैदी रह रहे हैं। जबकि जेल की क्षमता 300 से ज्यादा की है। इस जेल में आरोपी इंस्पेक्टर को अलग सेल में रखा गया था, जबकि बाकी चार पुलिस अधिकारियों को दूसरे सेल में थे।

हिरासत में मौत के खिलाफ देशभर में गुस्सा

हिरासत में मौत के खिलाफ देशभर में गुस्सा

बता दें कि भी आरोपी पुलिस वालों को सीबीसीआईडी ने अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया है। आरोपियों में इंस्पेक्टर श्रीधर, सब इंस्पेक्टर रघु गणेश, बालाकृष्णन और कॉन्सटेबल मुरुगन एवं मुथुराज शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई थीं। बता दें कि पी. जयराज (59) और उनके बेटे बेनिक्स (31) की हिरासत में हत्या के बाद से पूरे देश में बवाल शुरू हो गया था। इन पुलिस वालों की गिरफ्तारी से लोगों में इतनी खुशी फैली कि सथाकुलम में पटाखे भी जलाए गए। इनमें से कुछ पुलिस वालों पर पहले भी हिरासत में बर्बर व्यवहार की शिकायतें हैं। दोनों पिता-पुत्र को लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए देर तक फोन की दुकान खोले रखने का आरोप लगाया गया था। आरोपों के मुताबिक लॉकअप में उनकी बहुत ज्यादा पिटाई हुई और उन्हें बहुत बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। पिछले सोमवार को कोविलपट्टी के एक अस्पताल में पहले बेनिक्स ने दम तोड़ दिया और अगले दिन जयराज की भी मौत हो गई। इस घटना के बाद देशभर में पुलिस के खिलाफ गुस्सा भड़का हुआ है।

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