Tamil Activist का दावा, LTTE चीफ प्रभाकरन जिंदा है, सबूत जल्द दिखाएंगे, श्रीलंकन तमिलों में उत्साह!
तमिल एक्टिविस्ट के दावे से श्रीलंका की तमिल आबादी और लिट्टे के दोबारा सिर उठाने की आशंका है। दावा किया जा रहा है कि प्रभाकरन जिंदा है, इसके सबूत भी दिखाए जाएंगे।

Tamil Activist पाझा नेदुमारन ने कहा, प्रभाकरन के जीवित होने की घोषणा से सभी श्रीलंकाई तमिलों के बीच नई आशा और उत्साह का संचार हुआ है।उन्होंने कहा, हम सबूत दिखाना चाहते हैं कि वह जीवित हैं, मैं आपको फोन करूंगा और सबूत दिखाउंगा। जैसे ही मुझे सबूत मिलेंगे, मैं मीडिया से मिलूंगा और इसे सार्वजनिक करूंगा।
पहले भी हुआ दावा- "स्वस्थ और ठीक" हैं प्रभाकरन
पाझा नेदुमारन शनिवार, चार मार्च के पहले भी प्रभाकरन से जुड़ा सनसनीखेज दावा कर चुके हैं। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार विगत 13 फरवरी को तमिल राष्ट्रवादी आंदोलन के नेता पाझा नेदुमारन ने दावा किया कि प्रतिबंधित लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरन "स्वस्थ और ठीक" हैं। जल्द ही "तमिल जाति की मुक्ति के लिए एक योजना की घोषणा की जाएगी।"

श्रीलंका की सियासत से मिला नया जीवन!
नेदुमारन ने संवाददाताओं से कहा था कि बदलती वैश्विक स्थिति और राजपक्षे सरकार को हटाने सहित श्रीलंका के राजनीतिक संकट ने लिट्टे प्रमुख को बाहर कदम रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए नया जीवन दिया है। 'प्रभाकरन जिंदा है' दावा करने वाले पाझा नेदुमारन, विश्व तमिल महासंघ के तमिलनाडु अध्यक्ष हैं। नेदुमारन ने कहा कि 'तमिझ देसिया थलाइवर' (तमिल राष्ट्रवादी नेता) प्रभाकरन की मौत के बारे में "अफवाहों" को खत्म करने का समय आ गया है। उन्होंने आह्वान किया कि दुनिया के सभी तमिल लोगों को एकजुट होकर उनका समर्थन करना चाहिए।
श्रीलंका में चीन की उपस्थिति से ऐतराज!
बकौल नेदुमारन, "मैं एलटीटीई प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन के बारे में कुछ सच बताना चाहता हूं। मुझे एक सच्चाई बताते हुए खुशी हो रही है जो प्रभाकरन के बारे में संदेह को दूर कर देगा। लिट्टे प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन स्वस्थ और ठीक हैं। उन्होंने कहा, चीन निवेश के माध्यम से श्रीलंका में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है और भारत को श्रीलंका के दुश्मन के रूप में पेश कर रहा है। नेदुमारन ने श्रीलंका में चीन की उपस्थिति को मजबूत करने से रोकने के लिए भारत सरकार से जरूरी कदम उठाने का आह्वान भी किया है।
भारत को श्रीलंका के दुश्मन बना रहा ड्रैगन!
पाझा नेदुमारन ने वर्षों पुरानी बातों का जिक्र कर कहा, जब LTTE मजबूत था, तो उन्होंने श्रीलंका में भारत के खिलाफ किसी भी देश को कदम रखने की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने कहा, लिट्टे ने इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी है। किसी भी स्थिति में, लिट्टे ने कभी भी उन देशों से मदद नहीं मांगी जो भारत के खिलाफ थे। चीन ने श्रीलंका में अपना पैर जमा लिया है और भारत को श्रीलंका के दुश्मन के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।"
भारत सरकार से प्रभाकरन के समर्थन की अपील
नेदुमारन ने चिंता जताई कि चीन ने हिंद महासागर में भी अपना प्रभुत्व बढ़ाया है। उन्होंने कहा, "हम भारत सरकार से चीन का मुकाबला करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध करते हैं।" उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समय में, हम तमिलनाडु सरकार, तमिल राजनेताओं और तमिल ईलम के लोगों के बीच प्रभाकरन के साथ खड़े होने का अनुरोध करते हैं।
Recommended Video
किस आधार पर जिंदा होने का दावा
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने प्रभाकरन से संपर्क किया था, नेदुमारन ने कहा कि उनका प्रभाकरन के परिवार के सदस्यों से संपर्क था। उन्हें प्राप्त जानकारी के आधार और "उनकी स्वीकृति के आधार पर प्रभाकरन के जिंदा होने की बात सार्वजनिक कर रहे हैं।"
आजाद देश की मांग, प्रभाकरन लीडर बने!
जिस लिट्टे नेता को श्रीलंकाई सरकार 14 साल पहले ही मृत घोषित कर चुकी है, वह जिंदा कैसे है? यह पूछे जाने पर नेदुमारन ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रभाकरन जिंदा हैं। मेरे सहित हर कोई जानना चाहता है कि वह कहां है? वह जल्द ही सामने आएंगे और दुनिया को इसके बारे में पता चल जाएगा।" बता दें कि तमिल ईलम एक प्रस्तावित स्वतंत्र देश है। इसे श्रीलंका में कई तमिल और श्रीलंकाई तमिल डायस्पोरा श्रीलंका के उत्तर और पूर्व में बसाने की इच्छा रखते हैं। प्रभाकरन को इस डिमांड का अगुआ माना गया।
प्रभाकरन क्या 14 साल बाद जिंदा हुआ?
बता दें कि करीब 14 साल पहले प्रभाकरन के खात्मे का ऐलान हुआ था। 18 मई, 2009 को श्रीलंका के उत्तरी इलाके में मुलैथिवु जिले के मुल्लईवैक्कल में श्रीलंकाई सरकार के सैनिकों ने प्रभाकरन को मार गिराने का दावा किया था। इसके बाद तत्कालीन सरकार ने भी LTTE चीफ प्रभाकरन को मृत घोषित किया था। बहरहाल, प्रभाकरन के जिंदा होने के दावे के करीब 20 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में अगर इस दावे में सच्चाई है तो भारत-श्रीलंका और चीन की सामाजिक राजनीतिक लाइफ से जुड़े भावी घटनाक्रम दिलचस्प होने के पूरे आसार हैं।
-
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार












Click it and Unblock the Notifications