कौन हैं संघमित्रा मौर्य, जिन्हें भाजपा ने सपा के मजबूत गढ़ में दिया टिकट

भाजपा ने सपा के मजबूत गढ़ में संघमित्रा मौर्य को चुनाव मैदान में उतारा है, जानिए कौन हैं ये?

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए 184 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची गुरुवार शाम को जारी कर दी। इस सूची में यूपी की 28 लोकसभा सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। पहली सूची में उत्तर प्रदेश के 6 मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए गए हैं। वहीं, कई सीटों पर नए चेहरों को टिकट दिया गया है। समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाने वाली बदायूं लोकसभा सीट से भाजपा ने यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य को उम्मीदवार बनाया है। बदायूं सीट से वर्तमान में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भतीजे धर्मेंद्र यादव सांसद हैं। संघमित्रा मौर्य को बदायूं के चुनाव मैदान में उतारकर भाजपा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

मुलायम के खिलाफ BSP से लड़ चुकी हैं चुनाव

मुलायम के खिलाफ BSP से लड़ चुकी हैं चुनाव

संघमित्रा मौर्य यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी हैं। संघमित्रा इससे पहले 2014 के लोकसभा में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर यूपी की मैनपुरी सीट से मुलायम सिंह यादव के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुकी हैं। उस समय उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा में थे। इसके अलावा 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी वो एटा जिले की अलीगंज विधानसभा सीट से सपा के खिलाफ बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ीं थी। हालांकि इन दोनों ही चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। भाजपा ने अब उन्हें सपा के मजबूत गढ़ बदायूं से टिकट दिया है। बदायूं सीट पर पिछले लंबे समय से समाजवादी पार्टी का कब्जा है।

बदायूं सीट पर सपा का दबदबा

बदायूं सीट पर सपा का दबदबा

बदायूं लोकसभा सीट से महागठबंधन के प्रत्याशी के तौर पर सपा सांसद और मुलायम सिंह यादव के परिवार के सदस्य धर्मेंद्र यादव चुनाव मैदान में हैं। जबिक कांग्रेस ने बदायूं से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी को टिकट दिया है। धर्मेंद्र यादव 2009 से इस सीट से सांसद हैं और 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद 166347 वोटों के भारी अंतर से जीते थे। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार सलीम इकबाल शेरवानी कांग्रेस में शामिल होने से पहले समाजवादी पार्टी में थे और बदायूं सीट से ही सपा के टिकट पर चार बार सांसद रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा ने संघमित्रा मौर्य को चुनाव मैदान में उतारकर बदायूं की सियासी जंग को त्रिकोणीय बना दिया है।

यूपी में कटे 6 सांसदों के टिकट

यूपी में कटे 6 सांसदों के टिकट

आपको बता दें कि गुरुवार शाम को जारी हुई भाजपा की सूची में यूपी के 6 मौजूदा सांसदों के टिकट काट दिए गए हैं। इनमें आगरा से सांसद रामशंकर कठेरिया का भी नाम है। रामशंकर कठेरिया अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष हैं। वे केंद्र में मंत्री भी रहे हैं। उनकी जगह पार्टी ने यूपी सरकार में मंत्री एसपी बघेल को टिकट दिया है। एसपी बघेल पहले समाजवादी पार्टी में थे और साल 2017 में सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। उनके अलावा शाहजहांपुर से लोकसभा सांसद कृष्णा राज का टिकट काटकर, अरुण सागर को दिया गया है। कृष्णा राज मोदी सरकार में कृषि राज्यमंत्री हैं। इनके अतिरिक्त भाजपा ने सम्भल सीट से सांसद सत्यपाल सैनी की जगह परमेश्वरलाल सैनी, फतेहपुर सीकरी से सासंद बाबूलाल की जगह राजकुमार चाहर, हरदोई से सासंद अंशुल की जगह जयप्रकाश रावत और मिश्रिख से अंजुबाला की जगह अशोक रावत को प्रत्याशी बनाया है।

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