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सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या ही की, बिना सुसाइड नोट के तुरंत इस थ्योरी को कैसे मान गई पुलिस ?

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नई दिल्ली- सुशांत सिंह राजपूत की मौत को एक हफ्ते बीत चुके हैं। लेकिन, उनकी मौत को लेकर अभी इतने सारे सवाल हैं, जिसका जवाब मुंबई पुलिस नहीं ढूंढ़ पाई है। असल में उनकी मौत के बाद पूरे देश में और बॉलीवुड के एक वर्ग में भी जो गुस्सा फूटा है, उससे पुलिस की थ्योरी में कई छेद नजर आ रही है। मसलन, पहले दिन से मुंबई पुलिस माने बैठी है कि उन्होंने आत्महत्या ही कर ली है, जबकि सुसाइड नोट का कोई ठिकाना नहीं है। बार-बार कहा जा रहा है कि वो डिप्रेशन में थे, लेकिन उनके परिवार वाले, उनके करीब दोस्त ये मानने के लिए कतई तैयार नहीं हैं कि वो सुसाइड कर सकते हैं। फिर सवाल उठता है कि जब सुसाइड नोट भी हाथ नहीं लगा है, उन्होंने क्या दवा खाई थी, नहीं खाई थी उसकी विसरा रिपोर्ट भी नहीं है, न ही उस डॉक्टर का बयान है, जो उनका इलाज कर रहे थे, तो सुसाइड वाली थ्योरी को लेकर जल्दीबाजी क्यों ? क्या इसलिए तो नहीं कि बॉलीवुड के जिन हस्तियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़का हुआ है, पुलिस उनके दबाव में आ गई है ? आइए ये समझने की कोशिश करते हैं कि उनकी हत्या को फौरन आत्महत्या बताकर मुंबई पुलिस कहीं कोई बड़ी गलती तो नहीं कर रही है? कहीं ऐसा न हो कि मौत की असल वजह कुछ और ही हो और वो कभी सामने ही न आने पाए?

सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या ही की, ये कैसे मान गई पुलिस?

सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या ही की, ये कैसे मान गई पुलिस?

ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, उससे उनकी आत्महत्या वाले ऐंगल में कई तरह का लोचा नजर आ रहा है। उनकी मौत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को डिप्रेशन की कुछ दवाइयां मिलीं, लेकिन आजतक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। लेकिन, पुलिस तभी से यही मानकर ही जांच में जुटी हुई है कि उन्होंने डिप्रेशन में आकर ही खुदकुशी कर ली। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि वो मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में डिप्रेशन का इलाज करा रहे थे। लेकिन, क्या पुलिस ने उनके डॉक्टर से अभी तक बात की है कि उन्हें किसी चीज के लिए दवाइयां दी जा रही थीं। उनके शव की जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई है, उसमें डॉक्टरों ने उनकी मौत का कारण फांसी की वजह से दम घुटना बताया गया है। लेकिन, उन्होंने खुद फांसी लगाई ? किसी दूसरे ने उन्हें फांसी पर लटका दिया ? या फिर उनकी हत्या के बाद उसे फांसी का शक्ल दिया गया ? क्या इसकी गुत्थी इतनी जल्दी सुलझ गई? अगर नहीं तो इतनी जल्दी पुलिस इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंच गई कि उन्होंने डिप्रेशन की वजह से ही आत्महत्या कर ली? जबकि, इसकी कई वजहें हैं, जिससे इस थ्योरी पर सवाल उठाए जा सकते हैं।

क्या जांच में कुछ बातों को नजरअंदाज कर रही है पुलिस ?

क्या जांच में कुछ बातों को नजरअंदाज कर रही है पुलिस ?

अगर पुलिस की ही बातों को मान लें तो सुशांत ने रविवार को (जिस दिन उनका शव फांसी के फंदे से लटका हुआ उनके कमरे में मिला) सुबह 9 बजे उन्होंने अपनी बहन से फोन पर बात की थी। एक घंटे बाद यानि करीब 10 बजे सुबह में उन्होंने अनार का एक ग्लास जूस पीया और दवाई खाई। जब सुबह साढ़े 11 बजे उनका कुक खाने के मेन्यू के बारे में पूछने गया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। जब कुक और सुशांत के साथ उसी फ्लैट में रहने वाले दोनों दोस्तों को दरवाजा खटखटाने पर भी कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला तो उन्होंने एक चाबी बनाने वाले को बुलाकर दरवाजा खोला और फिर उनकी बहन और पुलिस को सूचना दी। अब सवाल उठता है कि जब उनकी मानसिक स्थिति इतनी कूल थी कि उन्होंने डिप्रेशन (अगर कहानी सही है तो) की दवा भी खाई और अनार का जूस भी लिया तो फिर उस एक-डेढ़ घंटे में ही ऐसी क्या बात हो गई कि उन्होंने खुदकुशी जैसा कदम उठा लिया? सवाल उठता है कि क्या उनकी विसरा रिपोर्ट मिली ? उनके पेट में कोई दवा मिली ? दवा की मौजूदगी थी तो क्या वो डिप्रेशन की ही दवा थी या कुछ और दवा थी? क्या पुलिस को इतने हाई प्रोफाइल मामले में आत्महत्या के नतीजे पर पहुंचने से पहले इन सब सवालों का जवाब नहीं ढूढ़ना चाहिए ?

डिप्रेशन वाली बात पर जोर के पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं ?

डिप्रेशन वाली बात पर जोर के पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं ?

अब सवाल उठता है कि इस दुनिया से सुशांत के जाने के बाद से ही वो कौन लोग हैं, जो ये साबित करने में लगे हुए हैं कि वो इतने डिप्रेशन के शिकार थे और मानो उनका खुदकुशी करना तय था ? उसी दिन से एक के बाद एक नई कहानियां, नया ऐंगल सामने आने शुरू हो गए। सुशांत के परिवार वाले, उनके रिश्तेदारों ने पहले ही दिन से कहना शुरू कर दिया था कि वो खुदकुशी नहीं कर सकते। उनके परिवार वाले पहले ही दिन से घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं। लेकिन, उनकी मौत के 24 घंटे बाद ही एक कहानी सामने आई कि वो दिमागी रूप से बीमार थे, लेकिन दवाई लेना छोड़ दिया था। फिर परवीन बाबी वाला ऐंगल जोड़ दिया गया। मतलब, परिवार को एहसास नहीं था, करीबी दोस्त कह रहे हैं कि सुशांत सुसाइड नहीं कर सकता, डॉक्टर को उनकी स्थिति का पता नहीं चला, लेकिन बॉलीवुड के कुछ ज्ञानवान लोगों को पहले से ही दिव्यगान हो चुका था कि सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या करने वाले हैं? महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस को बॉलीवुड में उनके खिलाफ चली साजिश के आरोपों को भी जांच में शामिल करने को कहा है। यानि जाहिर है कि जिन लोगों पर ये आरोप लग रहे हैं, वो कोई साधारण लोग नहीं हैं। मुंबई और महाराष्ट्र की सरकार और वहां के प्रशासन और पुलिस महकमे में उनकी पैठ का तो सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है। इसलिए पुलिस की जल्दीबाजी वाली थ्योरी से मामला और उलझता ही जा रहा है।

रिया की कुछ तस्वीरें हुईं वायरल

रिया की कुछ तस्वीरें हुईं वायरल

परवीन बाबी वाली स्थिति से सुशांत सिंह राजपूत की तुलना के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई, जिससे उनकी खुदकुशी वाली थ्योरी और संदिग्ध लगने लगी है। इस तस्वीर में सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती की एक पुरानी तस्वीर वायरल हुई, जिसमें वो बुजुर्ग महेश भट्ट के साथ काफी करीब नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को लेकर महेश भट्ट को खूब ट्रोल भी किया गया है। क्योंकि, पहले परबीन बाबी वाला ऐंगल आया था, जिसमें सुशांत के अंजाम का पहले से ही पता होने का दावा किया गया था। खैर, उम्मीद की जानी चाहिए कि मुंबई पुलिस रिया चक्रवर्ती से जरूर इस बारे में भी पूछताछ की होगी या आगे करेगी।

कुछ वायरल सवालों का जवाब देगी मुंबई पुलिस ?

कुछ वायरल सवालों का जवाब देगी मुंबई पुलिस ?

सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट भी खूब वायरल हो रहे हैं कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पहले वाली रात से ही उनके कॉम्पलेक्स के सारे सीसीटीवी बंद थे। ये भी कहा जा रहा है कि मौत से पहले वाली रात उनके घर में पार्टी हुई थी, जिसमें उनके खूब मस्ती में चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। वायरल पोस्ट में ये भी दावा किया जा रहा है कि रिया ने सुशांत की मौत से कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम से सुशांत के साथ अपनी कुछ निजी तस्वीरें डिलीट कर दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में उनके घर की डुप्लीकेट चाबी गायब होने के भी दावे किए जा रहे हैं। इस तरह कुछ वायरल पोस्ट में सुशांत के गले पर पड़ी निशान को लेकर भी यह दावा किया जा रहा है कि वह खुदकुशी जैसा नहीं था। हालांकि, ये सब वो वायरल दावे हैं जो सोशल मीडिया पर चल रहे हैं, इसकी कोई ठोस रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है और न ही इन दावों का वन इंडिया यहां पुष्टि ही कर रहा है। लेकिन, ये सारे सवाल जरूर हैं, जिसे खुदकुशी के नतीजे पर पहुंचने से पहले मुंबई पुलिस को जवाब जरूर देने चाहिए।

बिना ठोस जांच के उनकी मौत को खुदकुशी कहना नाइंसाफी होगी

बिना ठोस जांच के उनकी मौत को खुदकुशी कहना नाइंसाफी होगी

अब सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ताजा रिपोर्ट ये आई है कि उन्होंने अपनी मौत से तीन दिन पहले ही अपने नौकरों को पूरी तनख्वाह देकर कहा था कि आगे से वे उन्हें सैलरी नहीं दे पाएंगे। जबकि उनका परिवार ही यह कह रहा है कि उनके सामने ऐसी कोई आर्थिक तंगी नहीं थी। अब अगर सवाल उठता है कि क्या वो खुदकुशी करने की तैयारी कर रहे थे, इसलिए अपने स्टाफ के पैसे देकर गए? लेकिन, सवाल ये भी है कि जब वो स्टाफ को सैलरी देकर जा सकते थे तो क्या एक सुसाइड नोट नहीं छोड़ सकते थे? रोजाना सुबह-शाम पटना में अपने पिता की ख्याल रखने वाली केयर टेकर तक (जिन्हें वो दीदी कहकर बुलाते थे ) से पिता का हाल जानने वाले सुशांत को खुदकुशी से पहले बुजुर्ग पिता का भी ख्याल नहीं आया? मौत से एक घंटे पहले अपनी मां समान बड़ी बहन से बात करते हुए उनका गला क्यों नहीं रूंधा? क्या वजह है कि उनके साथ रहने वाले उनके दोस्तों और उनके कुक को भी उनकी मानसिक स्थिति की जरा भी भनक नहीं लगी? जबतक इन सारे सवालों का जवाब नहीं मिल जाता, उनकी मौत को सीधे आत्महत्या बता देना सही नहीं होगा।

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English summary
Sushant Singh Rajput committed suicide, how did police accept this theory without a note?
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