सूरत रेप केस: आंध प्रदेश के परिवार का दावा, 'यह मेरी बेटी है', पुलिस कराएगी DNA टेस्ट

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सूरत। गुजरात के सूरत में हैवानियत की शिकार हुए 11 साल की बच्ची की पहचान हो गई है। आंध्र प्रदेश के एक परिवार ने बच्ची पर अपना दावा पेश किया है। बच्ची के परिवार का कहना है कि, वह अपने घर से पिछले साल अक्टूबर से गायब थी। सूरत पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा का कहना है कि, मामले की जांच के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस सूरत पहुंच चुकी है। 

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सूरत के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि, 'पीड़िता के परिवार वाले सूरत पहुंच चुके हैं और जल्द ही बच्ची की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा।' आपको बता दें कि 6 अप्रैल को पुलिस को जियाव बुडिया रोड के पास क्रिकेट ग्राउंड में झाड़ियों के पीछे बच्ची का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर 86 चोटों के निशानों की पुष्टि हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, परिवार के पास ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं जिससे साबित हो कि वह उनकी बेटी थी। परिवार के दावों को पुख्ता करने के लिए पुलिस को डीएनए टेस्ट का सहारा लेना पड़ेगा। पीड़िता के परिवार के पास उसका आधार कार्ड है। पुलिस का कहना है कि फोटो के आधार पर वह उनके दावे को नहीं मान सकते हैं। आपको बता दें कि हाल ही उन्नाव और कठुआ में हुए रेप की घटनाओं के देश भर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद नाराज लोगों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था।

रिपोर्ट में अनुसार बच्ची को कम से कम 8 दिन तक यातना दी गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। सूरत सिविल हॉस्पिटल के फॉरेंसिक हेड का कहना है कि कई घाव लकड़ी के हथियार के चलते हुए हैं। फॉरेंसिंक हेड गणेश गोवेकर ने कहा है कि पोस्टमार्टम करने पर हमने उसके शरीर पर दो घाव पाए वो 1-7 दिन पुराने थे। उसके शरीर पर 86 बाहरी घाव थे। बच्ची को आठ दिन तक बेरहमी से पीटा गया, रेप किया गया और फिर उसे जान से मार दिया गया था।

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English summary
Surat rape case victim has been identified She is from Andhra Pradesh

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