• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समाजवादी पार्टी के नेता ने किया विरोध, बताया संविधान के खिलाफ

|

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में इस बात का जिक्र किया है कि सरकारी नौकरियों में पदोन्नति के लिए कोटा और आरक्षण कोई मौलिक अधिकार नहीं है। जिसपर कई पार्टियों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। अब समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि सप्रीम कोर्ट का ये फैसला संविधान के खिलाफ है।

supreme court, samajwadi leader, reservation, government jobs, jobs, promotion, uttrakhand high court, high court, ram gopal yadav, delhi, सुप्रीम कोर्ट, समाजवादी पार्टी, आरक्षण, सरकारी नौकरी, प्रमोशन, पदोन्नति, राम गोपाल यादव, उत्तराखंड हाईकोर्ट, हाईकोर्ट

बता दें कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकारें नियुक्ति में आरक्षण के लिए बाध्य नहीं हैं। साथ ही पदोन्नति में आरक्षण का दावा करना भी कोई मूल अधिकार नहीं है। मामले में जज एल नागेश्वर राव और जज हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, 'कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून के मद्देनजर इस बात में कोई शक नहीं है कि राज्य सरकारें आरक्षण देने के लिए बाध्य हैं। ऐसा कोई मूल अधिकार नहीं है, जिसके तहत कोई व्यक्ति पदोन्नति में आरक्षण का दावा करे।'

उत्तराखंड सरकार के 5 सितंबर, 2012 के फैसले को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह टिप्पणी की। बता दें उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को आरक्षण उपलब्ध कराए बिना सार्वजनिक सेवाओं में सभी पदों को भरे जाने का फैसला लिया था। सरकार के फैसले को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जहां इसे खारिज कर दिया गया था। अब हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपीलों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है।

बेंगलुरू: बच्चों से मिलने नहीं दे रही पूर्व पत्नी, घर के बाहर धरने पर बैठा IPS अधिकारी

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
verdict of Supreme Court on reservations is against the Constitution said Samajwadi Party leader Ram Gopal Yadav.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more