गुजरात दंगा: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भाजपा छोड़ बाकी सब नाखुश

एसआईटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई पुर्नविचार याचिका को कोर्ट ने 'निराधार' करार दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगे को लेकर करीब 9 मामलों में संतोष व्यक्त किया था। कोर्ट के इस फैसले से कांग्रेस का कोई भी नेता संतुष्ट नहीं है। ऐसे में एसआईटी के पूर्व निदेशक आरके राघवन ने अपने एक बयान में कहा है कि वो कभी भी नरेंद्र मोदी को गंजरात दंगों के मामले में क्लीन चिट नहीं देंगे। जबकि दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से मोदी को राहत दी है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसलेसे भाजपा को लोकसभा चुनावों के लिएएक अच्छी बढ़त मिल सकती है। चुनावी विशेष्ाज्ञों का मानना है कि कोर्ट के इस फैसले के बाद देश के मुसलमानों का रुझान मोदी समेत भाजपा की ओर बढ़ेगा जबकि कांग्रेस को काफी नुकसान हो सकता है। हालांकि नरेंद्र मोदी के खिलाफ या फिर पक्ष में लिया गया कोई भी फैसला आग की तरह चारों ओर सोशल नेटवर्किंग पर फैलता है।
इस फैसले के बाद भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। कई राजनीतिक पार्टियों ने अपने बयान में कहा है कि जशोदाबेन को पत्नी के रूप में स्वीकार करने के बाद नरेंद्र मोदी को एक बड़ी राहत मिली है। फिलहाल, मोदी तो जशोदाबेन को पहले से ही पत्नी मानते थे तभी तो नामांकन करते समय उन्हें भी अंकित किया।












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